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This Article is From Sep 26, 2020

यूपी: मर्डर केस में आरोपी एसपी नहीं उठा रहे फोन, कैसे करें पूछताछ? एडीजी ने देर रात की प्रेस कॉन्फ्रेन्स

इसी महीने की शुरुआत में 8 सितंबर को जिले के मशहूर खनन व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी महोबा में बाईवे पर अपनी ऑडी कार में घायल अवस्था में मिले थे. उन्हें गर्दन में गोली लगी थी. कुछ दिनों के इलाज के बाद त्रिपाठी की मौत हो गई थी.

यूपी: मर्डर केस में आरोपी एसपी नहीं उठा रहे फोन, कैसे करें पूछताछ? एडीजी ने देर रात की प्रेस कॉन्फ्रेन्स
मामले में आरोपी और जिले के सस्पेंडेड एसपी मनीलाल पाटीदार से पूछताछ नहीं हो पा रही है.
  • खनन व्यापारी मर्डर केस में जिले के तत्कालीन एसपी को बनाया गया था आरोपी
  • योगी सरकार ने आरोपी बनने के बाद एसपी को कर दिया था सस्पेंड
  • IPS पाटीदार के वकील ने बताया, कोरोना पॉजिटिव हैं, पर पुलिस को नहीं मिले
महोबा/लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बिजनसमैन इंद्रकांत त्रिपाठी मर्डर केस में यूपी पुलिस की विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दावा किया है कि मामले में आरोपी और जिले के सस्पेंडेड एसपी मनीलाल पाटीदार से पूछताछ नहीं हो पा रही है क्योंकि वो एसआईटी का फोन कॉल नहीं उठा रहे हैं. शुक्रवार (25 सितंबर) को देर रात एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर एडीजी प्रेम प्रकाश ने कहा कि जांच टीम पुलिस अधिकारी का पता लगाने में कामयाब नहीं हुई. प्रेम प्रकाश ने कहा, "उनके वकील ने रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं. हमने उन्हें फोन किया लेकिन वह फोन नहीं उठा रहे हैं. अबतक हमें उनका लोकेशन नहीं मिला है."

इसी महीने की शुरुआत में 8 सितंबर को जिले के मशहूर खनन व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी महोबा में हाईवे पर अपनी ऑडी कार में घायल अवस्था में मिले थे. उन्हें गर्दन में गोली लगी थी. कुछ दिनों के इलाज के बाद त्रिपाठी की मौत हो गई थी. मौत से पहले त्रिपाठी ने एक वीडियो बयान जारी किया था जिसमें उन्होंने जिले के एसपी मनीलाल पाटीदार पर हत्या करवाने के आरोप लगाए थे.

त्रिपाठी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. वीडियो में त्रिपाठी ने कहा था कि अगर उनकी मौत हो जाती है तो इसके जिम्मेदार आईपीएस अधिकारी और जिले के एसपी मनीलाल पाटीदार होंगे. इसके बाद राज्य सरकार ने पाटीदार को सस्पेंड कर दिया था और उनके खिलाफ मर्डर के केस दर्ज किए गए थे. उसके बाद से पाटीदार लापता हैं.

यूपी : गोली लगने से घायल व्यापारी की अस्पताल में मौत, वीडियो वायरल कर एसपी पर लगाया था आरोप

मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए केस की जांच का जिम्मा एसआईटी को सौंप दिया. फिलहाल, मामले में आईपीएस अधिकारी से पूछताछ करने में सक्षम नहीं होने के बावजूद, यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का दावा है कि उन्हें अब तक हत्या का कोई सबूत नहीं मिला है.

यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रेम प्रकाश ने कहा,"अब तक की जांच में हमारे पास हत्या का कोई सबूत नहीं मिला है, लेकिन मौत की परिस्थितियों की जांच जारी रहेगी. एक बैलिस्टिक परीक्षण से पता चला है कि गोली त्रिपाठी की लाइसेंसी पिस्टल से चलाई गई थी. गोली सीट के पीछे मिली थी. सीट और घावों से पता चला बहुत अधिक खून बहा था. परिस्थितियों से पता चलता है कि गोली सामने से लगी थी. गोली लगने के निशान से साफ तौर पर जाहिर होता है कि यह नजदीक से मारी गई थी. अभी तक इस बात के हमारे पास कोई सबूत नहीं है कि वहाँ किसी अन्य व्यक्ति को भी देखा गया था."

वीडियो: व्यापारी की पिस्टल से हुई थी उनकी मौत : महोबा पुलिस

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