- इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में कोर्ट ने पुलिस और प्रशासन की लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई है
- योगी सरकार ने SIT को मामले की जांच पांच दिन में पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है
- प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर जनता से असुरक्षित स्थानों की शिकायत और फोटो व लोकेशन भेजने की अपील की है
नोएडा में इंजीनियर की मौत मामले में कोर्ट ने पुलिस और प्रशासन को फटकार लगाई है. कोर्ट ने इस मामले में प्रशासन से पूछा है कि आखिर टूटी नाली और सड़क पर बेरिकेडिंग ना करने के लिए कौन जिम्मेदार है. कोर्ट इन लापरवाहियों के लिए प्रशासन को जमकर फटकार लगाई है. वहीं, दूसरी कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपी को 27 जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इस मामले में अब अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी.
कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि जांच के दौरान इन बातों का भी पता लगाया जाना चाहिए कि आखिर इन लापरवाहियों के लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं. प्रशासन को कोर्ट को ये भी बताना होगा कि आखिर इतने समय से जब खुले नालों को लेकर शिकायत की जा रही थी तो कभी किसी ने इसे लेकर एक्शन क्यों नहीं लिया.
आपको बता दें कि नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में सूबे की योगी सरकार एक्शन मोड में दिख रही है. सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) से जांच तेजी से पूरा करने के लिए कहा गया है. SIT से कहा गया है कि वह अगले पांच दिनों में ही अपनी रिपोर्ट सौंपे. 16 जनवरी की देर रात निर्माणाधीन बिल्डर साइट के बेसमेंट में पानी भरे होने के कारण सड़क किनारे कार फिसलकर गिर गई थी, जिसमें डूबने से युवराज की मौत हो गई थी. इस घटना ने क्षेत्र की सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. मामले की गंभीरता के देखते हुए SIT ने बुधवार को नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में इस घटना को लेकर एक समीक्षा बैठक की है. इस बैठक के बाद अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया.
प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
इस घटना से सबक लेते हुए प्रशासन ने व्हाट्सएप और हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है. आप 9205559204 पर डायल कर अपनी शिकायत से अवगत करा सकते हैं. इतना ही नहीं नागरिक इस नंबर पर खतरनाक स्थानों की फोटो और वहां की लोकेशन भी भेज सकेंगे. खास बात ये नए आदेश के मुताबिक अब 24 घंटे के भीतर निरीक्षण और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. SDRF, NDRF और दमकल विभाग के साथ समन्वय मजबूत करने की बात कही गई है. सभी राहत-बचाव इकाइयों को विशेष प्रशिक्षण के निर्देश दिए गए हैं.
आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी रेस्क्यू पर जोर दिया गया है. प्रशासन की जनता से अपील - असुरक्षित स्थलों की तुरंत सूचना दें, खुले गड्ढे या टूटी बैरिकेडिंग दिखे तो हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं. मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि—लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी. दोषियों पर कठोर कार्रवाई और भविष्य में दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित है.
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