MP Bridge Accident: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक खतरनाक लापरवाही सामने आई है. यहां दो युवक बाइक पर सवार होकर एक अधूरे ब्रिज पर चढ़ गए और अचानक ब्रिज के अंतिम छोर से 40 फीट नीचे गिर पड़े. मौके पर कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेड नहीं था. दोनों युवकों की हालत गंभीर है. यह घटना हाल ही में ग्रेटर नोएडा में हुए हादसे की याद दिलाती है, जिसमें निर्माणाधीन साइट पर सुरक्षा इंतजाम न होने की बात उठी थी.
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अधूरे ब्रिज पर कोई संकेत, बैरिकेड या रोशनी का इंतजाम नहीं था. दो युवक बाइक से ब्रिज पर पहुंचे और कुछ दूरी तय करने के बाद उन्हें पता चला कि आगे पुल अधूरा है, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. बाइक समेत दोनों 40 फीट नीचे गिर गए.
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घायलों की पहचान और स्थिति
हादसे में घायल युवकों के नाम बलवंत डावर और कमल डावर बताए जा रहे हैं. दोनों खरगोन जिले के रहने वाले हैं. लोगों ने तुरंत दौड़कर उन्हें उठाया और जिला अस्पताल पहुंचाया. चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल गंभीर है.
निर्माण एजेंसी की लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ब्रिज का निर्माण कई साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन काम अब तक अधूरा पड़ा है. सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि ब्रिज पर कोई चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, बैरिकेड या सुरक्षा व्यवस्था नहीं लगाई गई. आए दिन लोग इस रास्ते पर गलती से पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है.
ग्रेटर नोएडा हादसे से मिलती-जुलती तस्वीर
हाल ही में ग्रेटर नोएडा में एक इंजीनियर की कार निर्माणाधीन बिल्डिंग साइट के पानी से भरे बेसमेंट में गिर गई थी. कई घंटे के रेस्क्यू के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी. खंडवा की घटना भी यही सवाल उठाती है कि निर्माणस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं होता और जिम्मेदारी तय कब होगी.
लोगों की मांग: तुरंत सुरक्षा इंतजाम हों
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से मांग की है कि अधूरे ब्रिज के दोनों सिरों पर कड़े बैरिकेड, चमकदार साइनबोर्ड, रात में रोशनी और चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था की जाए. साथ ही कार्य में तेजी लाकर पुल को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की गई है.
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