- नोएडा में पर्थला चौक पर लगने वाले जाम की समस्या जल्द ही खत्म होने वाली है.
- यहां सिग्नेचर ब्रिज पर 6 लेन अंडरपास बनाया जाएगा, जिससे ट्रैफिक आसान होगा.
- नोएडा से दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ तक का सफर अब आसानी से मिनटों में होगा.
नोएडा से दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है. शहर के पर्थला चौक पर लगने वाले जाम की समस्या से अब जल्द ही निजात मिलने वाली है. क्योंकि नोएडा प्राधिकरण ने यहां सिग्नेचर ब्रिज के नीचे अंडरपास बनाने की योजना बनाई है, जिसे मंजूरी मिल गई है. यहां एक नया 6-लेन अंडरपास बनाया जाएगा. जहां ऊपर और नीचे से वाहन गुजर सकेंगे. ऐसे में यात्रियों को आने जाने में आसानी होगी. खास बात यह है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोग हर दिन यही से सफर करते हैं. ऑफिस जाने और आने के समय में यहां सबसे ज्यादा वाहनों की भीड़ होती है. जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम लगता है. ऐसे में यहां बनने वाले अंडरपास से ट्रैफिक की समस्या बहुत हद तक खत्म हो जाएगी.
नोएडा, दिल्ली एनसीआर के ट्रैफिक को फायदा
पर्थला चौक से हर दिन करीब 1.5 लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं, पीक आवर में यहां सबसे ज्यादा जाम की स्थिति बन जाती है. सुबह और शाम के वक्त यहां सबसे ज्यादा वाहनों की लंबी कतारें देखी जाती हैं. जिससे लोगों को ज्यादा समय लेकर चलना पड़ता है. हालांकि सिग्नेचर ब्रिज के पास अंडरपास बनने से ट्रैफिक बिना रुके सीधे फ्लाईओवर के ऊपर से निकल जाएगा. जबकि नीचे एफएनजी कॉरिडोर का ट्रैफिक बिना किसी रेड लाइट या रुकावट के सीधे जमीन के नीचे से पार हो जाएगा. यह 6 लेन होगा, जिससे वाहन चालकों को आने जाने में दिक्कत नहीं होगी और इससे करीब 90 प्रतिशत तक दबाव कम होगा.
ऐसा हो प्रस्तावित अंडरपास
- पर्थला चौक पर सिग्नेचर ब्रिज के नीचे 710 मीटर लंबा अंडरपास बनेगा.
- यह 6 लेन का अंडरपास पास होगा. तीन-तीन लेन का इस्तेमाल आने-जाने में होगा.
- इसके अलावा 110 मीटर आरसीसी बॉक्स बनाया जाएगा.
- 280-280 मीटर लंबे रास्ते बनाए जाएंगे.
- संप और पंपिंग सिस्टम की व्यवस्था भी अंडरपास में रहेगी.
- नोएडा के सेक्टर-71, 72, 73, 74, 75, 76, 77, 78, 79 को फायदा.
- सेक्टर-119, 120, 121, 122 और सोरखा गांव के आसपास के इलाकों को भी फायदा.
गाजियाबाद की तरफ से आने वालो को फायदा
इस अंडरपास के बनने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में गौर सिटी के पास रहने वाली लाखों की आबादी रोजाना नौकरी और व्यवसाय के लिए नोएडा और दिल्ली आती है. इस अंडरपास के बाद उनका सफर बेहद आसान हो जाएगा. इसके अलावा छिजारसी की तरफ से आने वाले वाहन चालक सीधे फरीदाबाद या नोएडा के अंदर एंट्री ले सकेंगे. गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार और वसुंधरा जैसे इलाकों से आने-जाने वालों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा. साथ ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से उतरकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा आने वाले वाहनों को एक सीधा और बिना ट्रैफिक वाला रूट मिलेगा.
डीपीआर हो रही तैयार
नोएडा पर्थला ब्रिज के पास बनने वाले अंडरपास की डीपीआर तैयार हो रही है. नोएडा प्राधिकरण बोर्ड की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. माना जा रहा है कि 18 महीने में इसे बनाने का लक्ष्य रखा गया है. भविष्य के ट्रैफिक लिहाज से यह परियोजना अहम है.
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