गाजियाबाद में नया इंदिरापुरम बसाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने इंदिरापुरम विस्तार योजना की कवायद तेज कर दी है. नया इंदिरापुरम 72 हेक्टेयर जमीन पर बसाने का प्लान है. इसका नक्शा लेआउट प्लान स्वीकृत हो गया है. अब प्राधिकरण डीपीआर लाने की तैयारी कर रहा है. जीडीए का कहना है कि पहले चरण में 25 हेक्टेयर खाली जमीन पर योजना तैयार की जाएगी. इसका लेआउट प्लान तैयार है और हफ्ते-10 दिन में डीपीआर भी सामने आ जाएगी. जबकि करीब 60 दिन में काम भी शुरू करने की तैयारी है. जीडीए सड़क, प्लॉट, सीवेज सिस्टम जैसे विकास कार्य किए जाएंगे.
किसानों को मुआवजे की तैयारी
आवासीय और व्यवसायिक भूखंड योजना इसके तहत आते हैं. जिनकी जमीन आ रही है, उन किसानों को मुआवजा दिया गया है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण आपत्ति निस्तारण में जुटा है. दूसरे चरण में बाकी भूमि अधिग्रहण कर योजना का विस्तार किया जाएगा. आवासीय योजना के तहत जीडीए ग्रुप हाउसिंग के भूखंड विकसित किए जाएंगे.आवासीय योजना में बिल्डर्स को 10 से 12 ग्रुप हाउसिंग परियोजना के लिए भूखंड बनेंगे. मध्यमवर्गीय के लिए एलआईजी और EWS फ्लैट बनाए जाएंगे.
300 से 578 वर्ग मीटर के प्लॉट
इंदिरापुरम लेआउट प्लान में आकार के भूखंड का प्रस्ताव दिया है. इन प्लाट्स में 300 से 578 वर्ग मीटर तक के प्लॉट शामिल हैं. आपत्ति-सुझाव के निपटारे और लेआउट को अंतिम रूप मिलने के बाद भूखंडों के विकास-आवंटन की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी. खरीदारों को भूखंड खरीदने का अवसर मिलेगा. उत्तर प्रदेश सरकार यूपी बिल्डिंग बायलॉज 2025 के तहत ऊंची सोसायटियों के लिए अधिक FAR की अनुमति दे रही है.इसमें ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 5 फीसदी अतिरिक्त FAR और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए भी छूट दी जाएगी.
मधुबन-बापूधाम में ₹44.95 करोड़ की लागत से बनेगा 6-लेन आरओबी, कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार! गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा मधुबन-बापूधाम में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। योजना के बी-ब्लॉक से प्रारंभ होने वाले 6-लेन रेल ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण लगभग ₹44.95 करोड़ की लागत से किया जाएगा। 45 मीटर चौड़ी सड़क पर प्रस्तावित इस आरओबी की अधिकतम लंबाई लगभग 500 मीटर होगी। इसके निर्माण से एनपीआर रोड को मेरठ रोड से जोड़ने के साथ-साथ मधुबन-बापूधाम से एनएच-58 तक आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने, आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाने तथा मधुबन-बापूधाम और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी, सुगम यातायात और तेज विकास की ओर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का एक और महत्वपूर्ण कदम! #MadhubanBapudham #GDA #Ghaziabad #RailOverBridge #6LaneROB #Connectivity #InfrastructureDevelopment #RoadConnectivity #UttarPradesh
— GDA Ghaziabad (@gdagzb) October 23, 2026
GDA को मिलेगा मोटा मुनाफा
यहां आवासीय भूखंड की दरें 95 हजार से लेकर दो लाख प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच सकती है. व्यावसायिक भूखंड की दरें 2 से 4 लाख प्रति वर्ग मीटर तक जा सकती हैं. GDA सड़क, सीवर लाइन, ड्रेनेज, बिजली सबस्टेशन और वर्टिकल गार्डन पर 5 करोड़ खर्च कर रहा है.भूखंडों की नीलामी से GDA को लगभग 350 करोड़ की कमाई हो सकती है.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे किनारे बसेगी टाउनशिप
लगभग दो दशकों की लंबी कानूनी लड़ाई और भूमि अधिग्रहण विवाद और अदालती दखल के बाद यह योजना आगे बढ़ी है.पूरी टाउनशिप 230 से 250 एकड़ भूमि पर तैयार होनी है.दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (NH-9, NH-24) किनारे, इंदिरापुरम के शक्ति खंड और कनावनी गांव के पास ये बनेगी. हिंडन एलिवेटेड रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और वैशाली और नोएडा सेक्टर-62 मेट्रो स्टेशनों की नजदीकी से कनेक्टिविटी है.
20 साल से क्यों लटकी थी परियोजना
GDA ने कनावनी गांव की जमीन 1100 प्रति वर्ग मीटर की दर से ली थी, लेकिन किसानों ने भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट से स्टे ले लिया.सुप्रीम कोर्ट के मई 2022 के आदेश और इलाहाबाद हाईकोर्ट के दखल के बाद परियोजना फिर सतह पर आई. कोर्ट ने GDA को किसानों को 2014 के सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा देने का आदेश दिया. GDA के पास अभी करीब 96 एकड़ जमीन का कब्जा है. बाकी बची 153 एकड़ जमीन पर किसानों की आपत्तियों का निपटारा कर मुआवजा बांटने की तैयारी है.
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