- नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भोटेकोशी नदी के आसपास के इलाकों में व्यापक तबाही मचाई ह
- नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमस्खलन के कारण आई बाढ़ में अब तक 900 से अधिक लोगों की मौत
- नुवाकोट इलाके में एक बुजुर्ग अपने तीन बेटों और नाती की खोज में मलबे के आसपास लगातार तलाश कर रहे हैं
नेपाल बाढ़ ने कई परिवारों को उजाड़ दिया. सैकड़ों लोगों की जान चली गई. अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. तमाम लोग अपनों की तलाश में जुटे हैं. इस बीच नेपाल के नुवाकोट इलाके में एक बुजुर्ग मलबे में अपने बेटों की तलाश करते दिखे. बुजुर्ग ने बताया कि उनके तीन बेटे हाइड्रो पॉवर प्लांट में काम करते थे. तीनों बेटे बाढ़ वाले दिन से ही लापता हैं. इधर उधर भटकने के बाद अब वो इस मलबे के आसपास घूम रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि शायद बेटों का शव ही मिल जाये. इन्हें बेटों के वापस आने की तो कोई उम्मीद नहीं है लेकिन डर इस बात का है कि शायद उनका शव भी ना मिले.
बुजुर्ग के तीन बेटे लापता
NDTV से बात करते हुए तेग बहादुर नाम के बुजुर्ग ने बताया कि मेरे तीन बेटे दीपक, राजेश और किरन लापता हैं. उनके साथ मेरा नाती भी था. हम अपने बेटों को खोज रहे हैं. मेरे बेटे हाइड्रो पावर प्लांट में काम करते थे. मुझे नहीं पता कि वो जिंदा हैं कि नहीं. शायद उनकी लाश ही मिल जाए. हम उनको ढूंढते रहेंगे. बहुत मुश्किल घड़ी है. नहीं पता कि बेटों के शव तक मिलेंगे या नहीं.
बीते 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास चट्टानें खिसकने या हिमस्खलन की वजह से अचानक बाढ़ आई. इस बाढ़ ने भोटेकोशी नदी से लगे इलाके में तबाही मचाई, जिससे मकान, सड़कें और पुल नष्ट हो गए और पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा.
4000 से ज्यादा लोग लापता
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस आपदा में मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 900 के पार पहुंच गई, जबकि 4,000 से अधिक लोग लापता हैं.
प्रभावित इलाकों में नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक उपकरणों की कमी के कारण दुर्गम इलाकों में अभियान चलाना काफी कठिन हो रहा है. रेस्क्यू के लिए 19,895 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें नेपाल पुलिस के 7,293, नेपाल सेना के 8,399 और सशस्त्र पुलिस बल के 4,203 कर्मी शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: बाढ़ पीड़ितों की पहचान कैसे करें? अब तकनीकी सहायता मांग रहा नेपाल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं