बाढ़ पीड़ितों की पहचान के लिए नेपाल ने सिंगापुर से तकनीकी सहायता मांगी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोकबहादुर क्षेत्री ने सोमवार को आयोजित पत्रकार सम्मेलन में जानकारी दी कि पीड़ितों की पहचान के लिए तकनीकी सहायता मांगी की गई है.
उन्होंने बताया कि अमेरिका से डीएनए परीक्षण और चीन और सिंगापुर से उच्च क्षमता वाले आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है. मंत्रालय ने बताया कि जापान और दक्षिण कोरिया से भी जल्द ही अतिरिक्त विशेष सामग्री प्राप्त होने की उम्मीद है.
उनके अनुसार, अब तक भारत, चीन, फ्रांस, संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), दक्षिण कोरिया सहित विभिन्न देशों तथा अन्य साझेदारों से बचाव और राहत सामग्री प्राप्त हुई है. संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ से भी अतिरिक्त सामग्री और सहायता प्राप्त होने की प्रक्रिया जारी है.
क्षेत्री ने बताया कि सहायता के रूप में बचाव उपकरण, फ्रीजर, सौर बत्तियां, परीक्षण किट, चेन, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाद्य सामग्री और दवाइयों सहित विभिन्न सामग्री प्राप्त हुई है. मंत्रालय के अनुसार, भारत की विशेष बचाव टीम को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है, जबकि कोरियाई टीम भी घटनास्थल पर कार्यरत है.
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उन्होंने बताया कि आपदा के बाद पुनःस्थापना और पुनर्निर्माण के लिए भी नेपाल को अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता रहने की उम्मीद है. मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ से हुए नुकसान के आधार पर घरों, सड़कों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे की पुनःस्थापना के लिए आवश्यक संसाधनों का निर्धारण किया जाएगा.
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