- नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अब तक 781 शव बरामद किए जा चुके हैं.
- 2,502 लोग अभी भी लापता हैं. लगभग 8,730 लोगों को बचाया गया है.
- 19,895 सुरक्षाकर्मी बचाव अभियान में लगे हैं. छह सुरंगों में लोगों के फंसे होने की आशंका है.
काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से अब तक 781 लोगों की मौत हो चुकी है. 2500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. 19 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी बचाव अभियान में लगे हैं. NDTV की टीम पिछले पांच दिनों से लगातार ग्राउंड पर मौजूद है. रसुवा जिले में नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास स्याफ्रू में लोगों ने आंखों-देखी बताई. स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ का पानी इतना तेज था कि सब तबाह कर ले गया. प्राधिकरण का ऑफिस और गांव था बह गया. एक युवक ने बताया कि उनकी आंखों के सामने मकान तबाह हो गए, कई गाड़िया कागज की तरह पानी में बहती चली गईं. दुकाने मलबे में दफन हो गई.
NDTV की टीम ठीक उस जगह पहुंची, जहां तिब्बत से तबाही का सैलाब आया. जिस भोटेकोशी नदी के पास घर हुआ करते थे, लोग वहां रहते थे, वहां अब सिर्फ मलब और गाद ही दिख रहा है. सबकुछ मलबे के नीचे दब गया है. नदी इतनी चौड़ी हो चुकी है कि पानी अब डराने लगा है. सड़कों का नामोनिशान मिट गया है. यहां मौजूद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी नुकसान पहुंचा है.

लोगों से सतर्क रहने की अपील
रसुवा जिले में आई बाढ़ के पानी के साथ यहां रहने वाले लोग भी बहते चले गए. जो बच गए वो अपने घरों को देखने पहुंच रहे हैं. हालांकि, प्रशासन ने अभी लोगों को सतर्क रहने और नदी के पास जाने से मना किया है.
'जमा किए गए सारे पैसे बह गए, कभी सोचा नहीं था ऐसा होगा'
बाढ़ पीड़ित युवक ने NDTV से बताया कि उनके साथ में जो दोस्त थे, वो सब बह गए. घबराहट हो रही है. कल क्या देखा था और कल क्या होगा वो भी पता नहीं है. युवक ने कहा, भाई-बहन की बहुत याद आती है. 12 सितंबर की फ्लाइट थी, मलेशिया जाना था. सुपरमार्केट के लिए पैसे जमा किए थे, वो सब बह गए. कभी सोचा नहीं था ऐसा होगा.

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घर के तीन सदस्य अभी भी लापता
स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि अभी जो बाढ़ का पानी बह रहा है, उसके सेंटर में उनका घर था. उनके घर के तीन सदस्य लापता हैं. उन्होंने कहा, मेर भाई, उनका बेटा और उनकी पत्नी अभी तक नहीं मिले हैं.
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