अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े कथित किंगपिन विरेंद्र सिंह बसोया को दुबई से भारत लाए जाने के बाद जांच एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं. लंबे समय से फरार चल रहा बसोया अब भारतीय एजेंसियों की गिरफ्त में है. उसे अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया जाएगा जिसके बाद एनसीबी की टीम उसे मुंबई ले जाएगी.
स्मगलिंग से शुरू हुआ सफर
सूत्रों के मुताबिक विरेंद्र बसोया ने वर्ष 2006 में तस्करी की दुनिया में कदम रखा था. शुरुआत में वह सिगरेट और गुटखे की स्मगलिंग से जुड़ा रहा. इसके बाद उसने धीरे-धीरे अपना नेटवर्क बढ़ाया और दूसरे अवैध कारोबारों में भी सक्रिय हो गया.
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2009 में पहली गिरफ्तारी
वर्ष 2009 में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ड्रग्स से जुड़े एक मामले में बसोया को पहली बार गिरफ्तार किया था. जेल से बाहर आने के बाद उसने खुद को कारोबारी के रूप में प्रस्तुत किया. इस दौरान वह कंस्ट्रक्शन, इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट और अन्य व्यवसायों से जुड़ा रहा. 2009 से 2023 तक उसका नाम किसी बड़े मामले में सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया.
दो बड़े ड्रग्स मामलों में आया नाम
फरवरी 2024 में पुणे में करीब 6 हजार करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स बरामदगी और अक्टूबर 2024 में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्ती के मामलों में बसोया का नाम सामने आया. जांच एजेंसियों के अनुसार पुणे मामले के बाद वह भारत छोड़कर दुबई भाग गया था और वहीं छिपकर रह रहा था.
रेड कॉर्नर नोटिस से गिरफ्तारी तक
एनसीबी ने बसोया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था. इसी आधार पर उसे जून में दुबई में हिरासत में लिया गया. हालांकि बाद में उसे वहां जमानत मिल गई थी. लेकिन जेल से बाहर आने से पहले ही भारत सरकार ने उसका पासपोर्ट निलंबित कर दिया, जिससे दुबई में उसकी मौजूदगी अवैध हो गई. इसके बाद उसे डिपोर्ट कर भारत भेज दिया गया.
ऑपरेशन ग्लोबल हंट पर फोकस
एनसीबी सूत्रों के अनुसार "ऑपरेशन ग्लोबल हंट" के तहत 25 वांछित अपराधियों की सूची तैयार की गई है. इनमें से तीन बड़े ड्रग तस्करों को अब तक भारत लाया जा चुका है. पुणे ड्रग्स मामले में 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि दिल्ली के मामले में 20 से अधिक लोग पकड़े जा चुके हैं. एनसीबी ने इस वर्ष देशभर में 52 ड्रग फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है, जिनमें सबसे अधिक फैक्ट्रियां राजस्थान और मध्य प्रदेश में पकड़ी गई हैं.
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