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BMC Election 2026: देवेन्द्र फडणवीस, राजनीति के वो 'चाणक्य' जिन्होंने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया

Mumbai BMC Election 2026: दो बार मुख्यमंत्री का पद संभालने वाले और 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने साबित कर दिया है कि संगठन कौशल और अडिग इच्छाशक्ति से राजनीति में कुछ भी नामुमकिन नहीं है.

BMC Election 2026: देवेन्द्र फडणवीस, राजनीति के वो 'चाणक्य' जिन्होंने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया

BMC Elections Results: महाराष्ट्र में 29 महानगर पालिकाओं में मुंबई से लेकर नागपुर तक बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है. रुझानों में टीम बीजेपी अपनी ताकत दिखा रही है और धमाकेदार जीत की तरफ अग्रसर है. महाराष्ट्र की राजनीति में अगर किसी एक नेता ने अपनी कमाल की रणनीति से बार-बार समीकरणों को पलटा है, तो वो हैं देवेंद्र फडणवीस. साल 2013 में प्रदेश अध्यक्ष बनने से लेकर 2026 के बीएमसी चुनावों तक, फडणवीस ने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया है, जो हारती हुई बाजी को जीत में बदलना जानते हैं.

बीएमसी 2026: ढहा दिया शिवसेना का अभेद्य किला

2026 के बीएमसी चुनाव रुझानों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है. जिस बीएमसी पर दशकों से शिवसेना का एकछत्र राज था, वहां आज बीजेपी नंबर वन पार्टी बनकर उभरी है. साल 2017 में जो जीत की पहली झलक (82 सीटें) दिखी थी, फडणवीस ने उसे 2026 में पूरा करके दिखाया. यह उनकी दूर की सोच का ही नतीजा है कि मुंबई में बीजेपी अब सबसे बड़ी पार्टी है.

लोकसभा की हार से विधानसभा का रिकॉर्ड बहुमत

अप्रैल-मई 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा सिर्फ 9 सीटों पर सिमट गई थी. फडणवीस ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी ली, लेकिन वे रुके नहीं. उन्होंने RSS के साथ समन्वय बढ़ाया और सीट बंटवारे पर फोकस किया. केवल 6 महीने बाद विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 149 सीटों पर चुनाव लड़कर 132 सीटों पर जीत हासिल की. फडणवीस के नेतृत्व में महायुति गठबंधन ने विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया. बीजेपी नंबर 1 पर रही और उसके सहयोगी नंबर 2 और 3 पर रहे.

सत्ता परिवर्तन

जब महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (MVA) की सरकार थी, तब फडणवीस ने पर्दे के पीछे से ऐसा काम किया कि पूरी सरकार ही पलट गई. सरकार (शिंदे) और विपक्ष (फड़नवीस) में होने पर भी दोनों के बीच बहुत अच्छे संबंध थे. एकनाथ शिंदे के साथ पुराने संबंधों का फायदा उठाते हुए उन्होंने शिवसेना में बड़ी सेंध लगाई. गठबंधन की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने शिंदे को मुख्यमंत्री बनाना स्वीकार किया और खुद उपमुख्यमंत्री बन गए, जो उनके त्याग और रणनीति के मेल को दर्शाता है.

बीजेपी के राज्यसभा सदस्यों की जीत की सुनिश्चित

जून 2022 में राज्य की छह राज्यसभा सीटों के लिए सात उम्मीदवार मैदान में थे. आंकड़ों के लिहाज से भाजपा के पास 2 सीट जीतने के लिए ही उपयुक्त नंबर थे. फडणवीस ने राज्यसभा चुनाव के गणित यानी दूसरे वरीयता वाले वोटों पर ध्यान केंद्रित किया. निर्दलीय विधायक और छोटी पार्टियों से संपर्क किया. इसके साथ ही एमवीए सरकार के नाराज विधायकों के साथ लगातार संपर्क में रहे और उन्हें अपने पक्ष में वोट देने के लिए राजी किया.
नंबर ना होते हुए भी भाजपा के तीनों उम्मीदवार जीते साथ ही भाजपा ने 1 अतिरिक्त सीट जीती, जिससे MVA सरकार की नींव हिल गई थी.

बीजेपी को बनाया महाराष्ट्र का नया पावर हाउस

महाराष्ट्र में बीजेपी को उस समय (2013) तक आम तौर पर कम ताकतवर पार्टी माना जाता था. 2014 चुनाव से पहले बीजेपी को सबसे ज्यादा 65 सीटें साल 1995 के चुनाव में मिली थीं. देवेन्द्र फडणवीस को 2014 के चुनाव से लगभग डेढ़ साल पहले, अप्रैल 2013 में महाराष्ट्र भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने महाराष्ट्र में पहली बार 100 का आंकड़ा पार किया, रिकॉर्ड 122 सीटें हासिल की. भाजपा पहली बार महाराष्ट्र में अपना मुख्यमंत्री बनाने में सफल रही. 2014 के बाद से बीजेपी लगातार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है.

दो बार मुख्यमंत्री का पद संभालने वाले और 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने साबित कर दिया है कि संगठन कौशल और अडिग इच्छाशक्ति से राजनीति में कुछ भी नामुमकिन नहीं है.

-आमोद प्रकाश सिंह की रिपोर्ट

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