विज्ञापन
This Article is From Nov 25, 2020

सोशल मीडिया की मदद से मिले बिछड़े हुए मां और बेटे, 15 साल बाद हुई मुलाकात में आंखों से छलक आए आंसू...

सोशल मीडिया बिछड़ चुके परिजनों से एक दूसरे को मिलाने में कैसे मददगार है, इसकी एक मिसाल और देखने को मिली है. एक महिला के परिवार को फेसबुक से खोजा गया और वो 15 साल बाद अपने बेटे से मिली.

सोशल मीडिया की मदद से मिले बिछड़े हुए मां और बेटे, 15 साल बाद हुई मुलाकात में आंखों से छलक आए आंसू...
रमा देवी अपने बेटे मित्रजीत के साथ.
नई दिल्ली:

सोशल मीडिया बिछड़ चुके परिजनों से एक दूसरे को मिलाने में कैसे मददगार है, इसकी एक मिसाल और देखने को मिली है. एक महिला के परिवार को फेसबुक से खोजा गया और वो 15 साल बाद अपने बेटे से मिली. दरअसल ये  महिला पति से नाराज़ होकर दिल्ली आ गयी थी और तब से मनोविकार से पीड़ित इसका इलाज चल रहा है,वो सब भूल चुकी थी. मित्रजीत चौधरी तब 7 साल का था जब उसकी मां उसे कोलकता में छोड़कर दिल्ली आ गयी. अब वो 22 साल का है, 15 साल बाद पहली बार उसकी मुलाकात अपनी मां रमा देवी से हो रही है. दोनों के लिए ये लम्हा कितना भावुक होगा इसका शायद अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल है. मां ने बेटे को गले लगाकर कहा बेटा इतना बड़ा हो गया है. इस लम्हे को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, आसपास खड़े लोगों की आंखों में भी आंसू छलक आए.

मित्राजीत चौधरी ने कहा, 'हमारे मन मे ये सवाल कभी नहीं उठा कि मां नही रहीं. मुझे ये था कि मां मिलेंगी एक दिन मिल गयी. कोशिश तो बहुत की लेकिन जरिया नहीं मिला. बात बन गयी,बहुत खुश हैं ,पार्टी करेंगे. आज कल के लड़के और छोकरे सब फेसबुक यूज़ करते हैं ,हम भी उन्हीं में एक हैं.'

रामा देवी ने कहा, 'फेसबुक से ढूंढते-ढूंढते अपना बेटा मिला.' दिल्ली की रहने वाली नेहा ने कहा, 'मैं उनके लिए बहुत खुश हूं. वो लंबे समय बाद मिले ,दोनों एक दूसरे के साथ बहुत प्यारे लग रहे हैं,मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि ये हमेशा एक दूसरे के साथ रहें.'

दरअसल 2005 में रमा देवी पति से नाराज़ होकर कोलकता से दिल्ली आ गईं, वकील थीं इसलिए सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने लगीं, लेकिन यहां वो मनोविकार से पीड़ित हो गयीं और वो पिछली ज़िंदगी के बारे में सब भूल गयीं. 9 महीने तक उनका दिल्ली के ईभास अस्पताल में इलाज चला. फिर वो रिहैब सेंटर में आ गईं, एक दिन उन्हें अपने बेटे का नाम याद आ गया ,फिर रीहैब सेंटर के लोगों ने बेटे को खोजने के लिए फेसबुक का सहारा लिया जो काम कर गया.

रीहैब सेंटर फॉर हॉप के निदेशक यूनिस स्टीफन ने कहा, 'हमने फेसबुक में मित्राजीत करके खोजा यो 6-7 नाम थे,हमने सबको मैसेज लिखा तो इन्होंने ही जबाब दिया,फिर हमें ये क्लू मिल गया था कि इन्हीं की मम्मी गायब हैं. इसलिए इन्होंने रेस्पांस दिया है.'

शुरुआत में फेसबुक पर लगी अपने बेटे की फ़ोटो को रमा देवी पहचान नहीं पायीं लेकिन बाद में जब वीडियो कॉल के जरिये रमा देवी ने पति और बेटे से बात की तो उन्हें सब याद आ गया. फिर क्या था ,एक एमएनसी में काम कर रहा रमा का बेटा मां को लेने फ्लाइट से आ गया. रमा को न सिर्फ रिहैब सेंटर की तरफ से बल्कि कई लोगों की तरफ से तोहफे दिए गए, रमा अब खट्टी मीठी यादों के साथ अपने घर जाएंगी.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Mother And Son Meet After 15 Years, Social Media
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com