हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने विदेश में बैठकर कथित रूप से अपराध का नेटवर्क चला रहे गैंगस्टर दीपक नांदल और हिमांशु भाऊ के गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. गुरुग्राम पुलिस की क्राइम यूनिट ने इस नेटवर्क से जुड़े सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक हवाला कारोारी भी शामिल है. पुलिस के अनुसार यह गिरोह बिल्डरों, व्यापारियों और बॉलीवुड, हरियाणवी तथा म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को धमकी देकर रंगदारी मांगता था. मांग पूरी नहीं होने पर फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और हवाला कारोबार से जुड़े साक्ष्य बरामद किए हैं.
सात आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश उर्फ कछुआ, शुभम सिक्का, संदीप हुड्डा, रोहित उर्फ शक्ति, बलविंदर उर्फ सोनू नांदल, सुरजीत और गौरव अरोड़ा के रूप में हुई है. इनमें गौरव अरोड़ा दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में कथित तौर पर हवाला कारोबार से जुड़ा हुआ था. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी गैंग के लिए अलग-अलग भूमिकाएं निभा रहे थे.
विदेश में बैठे गैंगस्टरों के संगठित अपराध नेटवर्क पर हरियाणा पुलिस का बड़ा प्रहार।
— Haryana Police (@police_haryana) August 12, 2026
गुरुग्राम पुलिस ने दीपक नांदल, मीनाक्षी व हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े 7 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें चांदनी चौक का हवाला कारोबारी भी शामिल है।
🔹 4 पिस्टल
🔹 18 जिंदा कारतूस
🔹 6 मोबाइल फोन… pic.twitter.com/K9gKDO8tQv
कारोबारी और बिल्डर थे निशाने पर
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य बिल्डरों, व्यापारियों और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों के मोबाइल नंबर जुटाते थे. इसके बाद उनकी गतिविधियों की रेकी की जाती थी और फिर उन्हें फोन कर रंगदारी की मांग की जाती थी. पुलिस के मुताबिक फिरौती नहीं मिलने पर गैंग शूटरों के जरिए फायरिंग जैसी वारदातें कराता था ताकि पीड़ितों में भय पैदा किया जा सके. बताया जा रहा है कि वारदात के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर घटनाओं की जिम्मेदारी भी ली जाती थी.
हथियार और कारतूस बरामद
गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार पिस्तौल और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. इसके अलावा छह मोबाइल फोन और हवाला कारोबार में इस्तेमाल होने वाला आधा करेंसी नोट भी बरामद किया गया है. पुलिस इन बरामद वस्तुओं के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है.

Gurugram Police: बरामद हुए हथियार
रेकी, वसूली और फंडिंग का नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी व्यापारियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने, उनके घर और कार्यालयों की रेकी करने, वसूली गई रकम को गैंग के शूटरों तक पहुंचाने और हथियार उपलब्ध कराने का काम करते थे. इस नेटवर्क के जरिए विदेश में बैठे गैंगस्टरों तक धन और सूचनाएं पहुंचाई जाती थीं.
पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
गुरुग्राम पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से करीब ढाई दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें बलविंदर उर्फ सोनू नांदल पर अकेले 17 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं. पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
विदेश से संचालित हो रहा था नेटवर्क
एसीपी क्राइम क्राइम-II ललित दलाल के अनुसार, गैंगस्टर दीपक नांदल और हिमांशु भाऊ फिलहाल विदेश में हैं और सोशल मीडिया व अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और आर्थिक नेटवर्क की पहचान की जा रही है.
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