झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है. प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और 1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके साथ माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य मोछू, सौरभ उर्फ गौरव तथा दो ग्रामीणों को भी गिरिडीह-धनबाद सीमावर्ती इलाके से पकड़ा गया है. सभी से सुरक्षा एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं.
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, मिशिर बेसरा लंबे समय से झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख संचालक माना जाता रहा है. वह कई वर्षों से सुरक्षा बलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था. उसके खिलाफ हत्या, सुरक्षाबलों पर हमले, लेवी वसूली, आईईडी विस्फोट और कई अन्य नक्सली वारदातों के दर्जनों मामले दर्ज हैं. केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने उसके सिर पर कुल 1 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
मारा गया माओवादी कौन है?
बताया जाता है कि मिसिर बेसरा का प्रभाव विशेष रूप से कोल्हान, सारंडा और पारसनाथ क्षेत्र में था. संगठन की रणनीति तैयार करने से लेकर विभिन्न राज्यों में माओवादी नेटवर्क के संचालन तक उसकी अहम भूमिका मानी जाती थी. पिछले कुछ महीनों में उसके कई करीबी सहयोगियों के आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी के बाद उसका नेटवर्क लगातार कमजोर पड़ रहा था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके खिलाफ अभियान और तेज कर दिया था.
गिरफ्तार किए गए मोछू और सौरभ उर्फ गौरव को भी माओवादी संगठन का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है. वहीं, उनके साथ पकड़े गए दो ग्रामीणों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उनका संगठन से क्या संबंध था और वे माओवादियों को किस प्रकार की मदद पहुंचा रहे थे.
कितनी बड़ी सफलता है ये?
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मिशिर बेसरा की गिरफ्तारी झारखंड ही नहीं, बल्कि पूर्वी भारत में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका साबित होगी. अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान संगठन के शीर्ष नेतृत्व, हथियारों की सप्लाई, लेवी वसूली के नेटवर्क, सुरक्षित ठिकानों और अन्य सक्रिय नक्सलियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं.
फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से संयुक्त रूप से पूछताछ की जा रही है. संभावना है कि पुलिस उन्हें जल्द अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, ताकि माओवादी संगठन के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके. सुरक्षा एजेंसियां इसे झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मान रही हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं