- ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की Z+ सुरक्षा केंद्र सरकार के निर्देशानुसार जारी रहेगी
- दोनों नेताओं की सुरक्षा में कुल 248 सुरक्षाकर्मी तीन पालियों में तैनात हैं, सुरक्षा कम नहीं की गई है
- अभिषेक बनर्जी के आवास और कार्यालय के बाहर से अतिरिक्त पुलिस तैनाती हटाई गई है
पश्चिम बंगाल में करारी हार के बाद खबर आई कि ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की Z+ सुरक्षा हटाई जा रही है. इस मामले को लेकर बंगाल में नया सियासी विवाद छिड़ गया. इसके बाद केंद्र सरकार के सूत्रों ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि दोनों नेताओं की सुरक्षा नहीं हटाई जा रही है. ममता और अभिषेक के पास Z+ सुरक्षा जारी रहेगी.
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के पास Z+ कैटेगरी की सुरक्षा है. 38 गार्ड तीन अलग-अलग पालियों में सुरक्षा का जिम्मा उठाते हैं, इस तरह ममता और अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में 248 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं को Z+ सुरक्षा मिलती रहेगी. हालांकि सुरक्षा एजेंसी ने सुरक्षाकर्मियों को रेगुलेट किया है. लेकिन सुरक्षा कतई कम नहीं की गई है.
अतिरिक्त सुरक्षा हुई कम
बता दें कि अभिषेक बनर्जी के कोलकाता में हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास और कैमक स्ट्रीट कार्यालय के बाहर से अतिरिक्त पुलिस तैनाती और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था समीक्षा किए जाने के बाद हटा ली गई है. लेकिन उनकी सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र प्रबंधन से जुड़ी तैनाती को हटाने का फैसला बुधवार सुबह नए निर्देशों के बाद लागू हुआ.
उनके हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास के सामने फुटपाथ पर एक ‘सिजर बैरिकेड' लगा हुआ दिखाई दिया, लेकिन वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था. आवास के बाहर बनाया गया पुलिस केबिन अभी तक हटाया नहीं गया है. सूत्रों के अनुसार, पहले की व्यवस्था में तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव के कहीं भी जाने से पहले पुलिसकर्मियों द्वारा मार्ग की जांच की जाती थी.
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अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, संशोधित व्यवस्था के तहत अब अभिषेक बनर्जी की आवाजाही से पहले कोई पुलिस वाहन मार्ग की अग्रिम जांच या सड़क से अन्य वाहनों की आवाजाही रोकने का काम नहीं करेगा.
ममता बनर्जी के लिए प्रवेश मार्ग पर लगाया गया ‘सिज़र बैरिकेड' भी मंगलवार को हटा दिया गया. ‘सिज़र बैरिकेड' धातु का, मुड़ जाने वाला एक सुरक्षा अवरोधक होता है, जिसका उपयोग पुलिस किसी सड़क, गली या भवन में प्रवेश को नियंत्रित या प्रतिबंधित करने के लिए करती है। यह कैंची की तरह खुलता और बंद होता है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया है.
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