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ममता ने लगाया मारपीट का आरोप, लेकिन भवानीपुर के उस बूथ पर असल में हुआ क्या था? ग्राउंड रिपोर्ट

4 मई को जब बंगाल में वोटों की गिनती चल रही थी, तब ममता बनर्जी अचानक काउंटिंग सेंटर पहुंच गईं. उन्होंने अपने साथ मारपीट होने का आरोप लगाया. लेकिन असल में क्या हुआ था? पढ़िए ये ग्राउंड रिपोर्ट.

ममता ने लगाया मारपीट का आरोप, लेकिन भवानीपुर के उस बूथ पर असल में हुआ क्या था? ग्राउंड रिपोर्ट
सांकेतिक तस्वीर.
AI Generated Image
  • भवानीपुर में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, जो बंगाल चुनाव का केंद्र माना गया था
  • मतगणना के दौरान ममता बनर्जी ने ईवीएम में छेड़छाड़ और सीसीटीवी बंद होने का आरोप लगाया था
  • मतगणना केंद्र पर केंद्रीय सुरक्षा बल, कोलकाता पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात थीं, जिससे सुरक्षा कड़ी थी
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कोलकाता:

भवानीपुर जिसे पूरे पश्चिम बंगाल के चुनाव का केंद्र माना गया, वह एक चुनौतीपूर्ण मुकाबले में फंसा था. यहां पर ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी चुनौती दे रहे थे. मतगणना के दिन हम जा पहुंचे उस मतगणना केंद्र पर जहां पूरी लड़ाई लड़ी जानी थी. यह मतगणना केंद्र सुर्खियों में था क्योंकि एक रात पहले ही ममता बनर्जी यहां अचानक पहुंच गई थीं और ईवीएम से छेड़खानी का आरोप लगा चुकीं थी. 

ममता बनर्जी का कहना था कि यहां का सीसीटीवी बंद कर दिया गया था और उसका लाइव प्रसारण भी बंद कर दिया गया था. यही वजह है कि यहां के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था. केंद्रीय सुरक्षा बलों के अलावा कोलकाता पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स, बीएसएफ के जवान भी यहां थे. 

हम अपने कैमरा सहयोगी के साथ एक इतिहास बनते देखने की उम्मीद में पांच बजे सुबह ही पहुंच गए. तब कोलकाता में सुबह हो ही रहा था, सूरज की पहली किरण फूट ही रही थी. चूंकि बंगाल देश के पूरब में है इसलिए यहां सूर्योदय जल्दी होता है. वातावरण में तनाव महसूस किया जा सकता था. वजह थी कि सभी तनाव में थे. सुरक्षाकर्मी भी, मीडिया भी और उम्मीदवारों के एजेंट भी. सभी सुरक्षाकर्मियों से झगड़ रहे थे क्योंकि वो अतिरिक्त सावधानी बरतने के चक्कर में कुछ ज्यादा ही सख्त हो रहे थे. 

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खैर लड़-झगड़ कर सहमति बन गई और मीडिया को स्कूल से 100 मीटर के आगे कर दिया गया. 8 बजे से ईवीएम की गिनती शुरू हो गई और थोड़ी देर के बाद रुझान भी आना भी शुरू हो गया. ये रुझान हम मीडिया के लिए लगाए गए टीवी पर देख रहे थे. वहां भी पहले मीडियाकर्मियों में इस बात पर बहस हुई कि कौन सा चैनल चलेगा. नेशनल चैनल चलेगा या बांग्ला. फिर यह तय हुआ कि बांग्ला चैनल ही लगा दो. तमाम जगहों के साथ साथ भवानीपुर के भी रूझान आने लगे थे. शुरुआत में ममता बनर्जी ने बढ़त बना ली थी और एक वक्त था कि ममता बनर्जी के 25,942 वोटों के मुकाबले शुभेंदु अधिकारी 9,236 वोटों से पिछड़ रहे थे. वहां पर लगे लाउडस्पीकर पर हर राउंड के बाद वोटों की संख्या की घोषणा की जाती थी.

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करीब 14 राउंड तक ममता बनर्जी आगे चल रही थीं. मतगणना धीमे चल रही थी और सभी ऊब रहे थे कि अचानक हलचल तेज हो गई और पता चला कि शुभेंदु अधिकारी आने वाले हैं. शुभेंदु आते हैं और मतगणना केंद्र के अंदर जाते हैं और थोड़ी देर में कुछ दलों के एजेंट और कुछ उम्मीदवार भी मतगणना केंद्र से निकल कर बाहर आते दिखते हैं. मीडिया उनके पीछे भागता है. वो कहते हैं कि मतगणना बंद है. फिर तृणमूल कांग्रेस के एजेंट भी बाहर निकलते हैं और शुभेंदु अधिकारी पर उन्हें बाहर निकालने का आरोप लगाते हैं. मतगणना केंद्र पर स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है. बीजेपी और तृणमूल के एजेंट में बहस होने लगती है. 

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यह सब होते-होते शाम हो गई और तभी हल्ला मचता है कि ममता बनर्जी आ रही हैं. वो आती हैं और अंदर जाती हैं. बाहर सन्नाटा पसरा है. थके हुए मीडियाकर्मी यहां वहां सड़कों पर बैठ जाते हैं और सुरक्षाकर्मी भी. लाउडस्पीकर पर एनांउसमेंट बंद हो जाता है. मतगणना केंद्र के अंदर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी ही थे. तभी मतगणना केंद्र में एक गाड़ी घुसती है. मालूम पड़ता है कि जिला चुनाव आयुक्त आएं है. सबको लगता है कि चलो अब कुछ हल निकलेगा और मतगणना शुरू हो जाएगी. मगर करीब 8 बजे के बाद ममता बनर्जी निकलती हैं और शुभेंदु अधिकारी पर मारपीट का आरोप लगाती हैं और जब ममता बनर्जी मीडिया से बात कर रही होती हैं तो वहीं बीजेपी सर्मथक जयश्री राम के नारे लगा रहे थे.

ये वही कोलकाता है जहा 15 दिन पहले एक चाय दुकान पर बीजेपी के रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे बीजेपी के स्वप्न दासगुप्ता और सीपीआईएमएल के उम्मीदवार मानस घोष एक साथ चाय पी रहे थे. बहरहाल ममता बनर्जी के वहां से जाते ही मतगणना फिर शुरू होती है और अब रुझान शुभेंदु अधिकारी के पक्ष में आने लगते हैं और अंतिम राउंड के बाद वो 15 हजार से अधिक मतों से जीत जाते हैं और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एक बार फिर चुनाव हार जाती हैं. पिछली बार भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हरा दिया था. इस बार शुभेंदु अधिकारी दो सीटों से जीते हैं. 

खैर, भवानीपुर में जीत की घोषणा के बाद शुभेंदु बाहर निकलते हैं और ममता के आरोपों को खारिज करते हैं. अपनी जीत के किए हिंदू वोटरों का धन्यवाद करते हैं और सीपीएम के मतदाताओं का भी शुक्रिया करते हैं और कहते हैं कि उनके दस हजार वोट भी उन्हें ही मिले हैं. 

उनके प्रेस से बात करते-करते रात के दस बज जाते हैं. पिछले 15-16 घंटे से काम करके थके मीडियाकर्मी आपस में मजाक करते-करते वापस लौटने लगते हैं. जब हम मतगणना केंद्र से लौटते वक्त मुख्य सड़क पर आते हैं तो देखते हैं कि कोलकाता की सड़कें जय श्रीराम के नारों से गूंज रही है.

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