विज्ञापन

जो होटल बुक किया, वह था ही नहीं... -4 डिग्री में परिवार ने कार में बिताई रात; अब Make My Trip देगा मुआवजा

कश्मीर निकले परिवार को तब बड़ा झटका लगा, जब बुक किया गया होटल मिला ही नहीं. जब परिवार वहां पहुंचा तो होटल था ही नहीं. परिवार को ठंड में कार में ही रात बितानी पड़ी.

जो होटल बुक किया, वह था ही नहीं... -4 डिग्री में परिवार ने कार में बिताई रात; अब Make My Trip देगा मुआवजा
परिवार ने दिसंबर में कश्मीर की ट्रिप की थी. (सांकेतिक तस्वीर)
गुरदासपुर:

ऑनलाइन होटल बुकिंग के भरोसे कश्मीर घूमने निकले एक परिवार के साथ जो हुआ, वह किसी बुरे सपने से कम नहीं था. श्रीनगर और गुलमर्ग में MakeMyTrip से बुक किए दोनों होटल मौके पर मिले ही नहीं और परिवार को -4 डिग्री की कड़ाके की ठंड में पूरी रात कार में गुजारनी पड़ी. 

इस मामले में कंज्यूमर कमिशन ने MekeMyTrip को दोषी ठहराया है. कमिशन के अध्यक्ष ललित मोहन डोगरा और सदस्य भगवान सिंह मथारू ने कंपनी को कुल 48,775 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है.

क्या है पूरा मामला?

शिकायत गुरदासपुर के वकील राजेश चौहान ने दर्ज कराई थी. वह दिसंबर 2025 में अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ श्रीनगर-गुलमर्ग घूमने गए थे. 

उन्होंने MakeMyTrip से Hotel Heritage Rose Inn, श्रीनगर में 27-28 दिसंबर के लिए 5,788 रुपये में फैमिली रूम बुक किया. फिर Hotel Apple Tree Resorts, गुलमर्ग में 28-29 दिसंबर के लिए दो कमरों के लिए 12,987 रुपये का भुगतान किया.

  • पहला झटका: 27 दिसंबर को जब परिवार लोकेशन पर पहुंचा, तो वहां ऐसा कोई होटल ही नहीं था. शिकायत के मुताबिक, वहां सिर्फ एक प्राइवेट होमस्टे था. काफी इंतजार के बाद परिवार को अपने खर्चे पर दूसरा इंतजाम करना पड़ा.
  • दूसरा झटका: अगले दिन ट्रैफिक और आर्मी कॉन्वॉय के कारण परिवार देर रात करीब 10:30 बजे गुलमर्ग पहुंचा. वहां भी बुक किया हुआ Hotel Apple Tree Resorts नहीं मिला. भारी बर्फबारी और कमरे न मिलने के कारण परिवार को पूरी रात -4 डिग्री तापमान में अपनी गाड़ी में ही गुजारनी पड़ी.
  • गोंडोला की टिकट भी बर्बाद: इतना ही नहीं, उनके पहले से बुक किए हुए गोंडोला राइड के टिकट भी बर्बाद हो गए और उन्हें 29 दिसंबर को बिना गुलमर्ग घूमे ही गुरदासपुर वापस लौटना पड़ा.

MakeMyTrip ने क्या कहा?

कंपनी ने कंज्यूमर कमिशन में दलील दी कि वह सिर्फ एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, होटल का मालिक नहीं है. होटल की जानकारी होटल वालों ने दी है.

साथ ही कंपनी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने होटल मालिकों को पार्टी नहीं बनाया और होटल वालों के मुताबिक, शिकायतकर्ता तो आया ही नहीं, उसे 'No Show' मार्क किया गया था.

कंपनी ने कहा कि उसने रिफंड पाने की कोशिश की थी, लेकिन होटलों ने अपनी नॉन-रिफंडेबल बुकिंग पॉलिसी के तहत इसे देने से इनकार कर दिया.

कमिशन ने सारी दलीलें कीं खारिज

आयोग ने MakeMyTrip की इस दलील को खारिज कर दिया कि वह खुद को सिर्फ एक बिचौलिया बताकर कंज्यूमर के प्रति अपनी जिम्मेदारी से बच सकती है. 

आयोग ने पाया कि कंपनी ने कंज्यूमर से पेमेंट लिया था और रहने की जगह के लिए कन्फर्म बुकिंग वाउचर जारी किए थे.

कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 और कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई-कॉमर्स) रूल्स, 2020 का हवाला देते हुए आयोग ने कहा कि पेमेंट लेने और कन्फर्म बुकिंग वाउचर जारी करने वाला ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता, अगर उसके प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड रहने की जगह असल में मौजूद न हो या उसके बारे में गलत जानकारी दी गई हो.

आयोग ने कंपनी की उस दलील को खारिज कर दिया कि मामले में होटल मालिकों को भी पार्टी बनाना चाहिए था. आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता ने सीधे MakeMyTrip को पेमेंट किया था. 

कमीशन ने 'नो शो' के दावे पर भी सवाल उठाए. आयोग ने कहा कि जब बुक किया हुआ होटल ही मौजूद नहीं था, तो ग्राहक को 'No Show' कैसे कहा जा सकता है? शिकायतकर्ता ने 27, 28, 29 दिसंबर को कंपनी से संपर्क करने के ईमेल भी रिकॉर्ड पर रखे हैं.

आयोग का आदेश

कंज्यूमर कमिशन ने MakeMyTrip को पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया है. आयोग ने कहा कि वह 18,775 रुपये का रिफंड लौटाए, वह भी 9% ब्याज के साथ. 

आयोग ने इसके साथ ही कंपनी को शारीरिक पीड़ा, मानसिक परेशान और आर्थिक नुकसान के लिए 25,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. इसके अलावा, 5 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के लिए भी दे. कुल मिलाकर 48,775 रुपये का भुगतान करने को कहा है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Make My Trip, Kashmir Travel, Consumer Court, Consumer Commission, Punjab News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com