- बॉम्बे हाई कोर्ट ने डोंबिवली में डॉक्टरों से मारपीट के आरोपी शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को जमानत दी.
- जमानत की शर्त के तहत म्हात्रे को नजरी रिजॉर्ट एंड लॉन्स में रहना होगा.
- अस्पताल में मरीज के इलाज को लेकर हुई बहस के बाद म्हात्रे कैमरे में महिला डॉक्टर पर हमला करते दिखे थे.
महाराष्ट्र के डोंबिवली में पिछले महीने एक महिला डॉक्टर के साथ मारपीट करने वाले शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे अब गोवा के एक रिजॉर्ट में आराम करेंगे. यह सब बॉम्बे हाई कोर्ट की वजह से मुमकिन हो पाया है. चाहे आप यकीन करें या न करें, जमानत की शर्त यही है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे और डॉक्टरों के साथ मारपीट के मामले में शामिल अन्य आरोपियों को जमानत दे दी. कोर्ट ने म्हात्रे को महाराष्ट्र से दूर रहने का भी आदेश दिया.
कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे के लिए जमानत की 'सख्त' शर्त यही है, जो 6 जुलाई को अपने साथियों के साथ एक अस्पताल में घुस गया था और एक मरीज के इलाज को लेकर हुई बहस के बाद एक महिला डॉक्टर और अन्य स्टाफ के साथ मारपीट करते हुए कैमरे में कैद हो गया था.
अब तक कार्रवाई हुई?
8 जुलाई को लोगों के गुस्से के बाद म्हात्रे को गिरफ्तार किया गया और निचली अदालत ने तुरंत उन्हें जमानत दे दी. बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट ने वह जमानत रद्द कर दी और 19 जुलाई को उन्होंने सरेंडर कर दिया. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
20 दिन बाद, उसी हाई कोर्ट ने म्हात्रे को जमानत दे दी है और उन्हें गोवा के एक रिजॉर्ट में रहने और हफ्ते में तीन दिन वहां की स्थानीय पुलिस के सामने हाजिर होने के लिए कहा है. कोर्ट ने आरोपी को यह भी निर्देश दिया है कि वह मामले में गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश न करे. उन्हें अपना पासपोर्ट भी जमा करने का निर्देश दिया गया है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए अस्पताल के वीडियो फुटेज में म्हात्रे को एक महिला डॉक्टर के पीछे से आते हुए देखा गया, जो उस वक्त मोबाइल फोन पर बात कर रही थीं. म्हात्रे ने जोर से महिला को हाथ पर मारा, जिससे फोन गिर गया. इसके बाद म्हात्रे और उनके समर्थकों ने अस्पताल के दूसरे कर्मचारियों के साथ भी बदसलूकी की.
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हरकत पर कोई अफसोस नहीं!
घटना के बाद की तस्वीरों में अस्पताल के कर्मचारी परेशान और सदमे में नजर आए. बाद में NDTV से बात करते हुए, म्हात्रे ने अपनी हरकत के लिए कोई अफसोस नहीं जताया और न ही कोई पछतावा दिखाया.
म्हात्रे ने NDTV से कहा, "मैंने उनके (महिला डॉक्टर के) फोन पर इसलिए मारा क्योंकि वह हमारी बात नहीं सुन रही थीं. मैंने बस उन्हें फोन से हटाने की कोशिश की थी."
उन्होंने कहा, "हमारे इस कदम से एक महिला और उसके बच्चे की जान बच गई. हमें और किसी चीज की परवाह नहीं है." NDTV के साथ 26 मिनट के इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मैंने डॉक्टर पर हमला नहीं किया था. महिला को घमंडी बताते हुए उन्होंने कहा कि मैं माफी नहीं मांगूंगा. उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर अपने व्यवहार के लिए माफी मांगती हैं, तो मैं अफसोस जाहिर करूंगा.
हमले के बाद अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने विरोध प्रदर्शन किया और म्हात्रे को कॉर्पोरेटर के पद से हटाने की मांग की. इस बीच, जिन दो डॉक्टरों के साथ मारपीट हुई थी, उनमें महिला डॉक्टर भी शामिल थीं. दोनों ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और ठाणे छोड़ दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा का डर था.
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