Shri Chandi Mata Machail Yatra 2026: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में स्थित प्रसिद्ध मचैल माता यात्रा को खराब मौसम के कारण अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है. जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था के तहत यात्रा 28 जुलाई से शुरू करने का निर्णय लिया है, हालांकि इसकी अंतिम अनुमति मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी. समुद्र तल से 9,705 फीट की ऊंचाई पर स्थित मचैल माता मंदिर तक पहुंचने वाली यह यात्रा हर साल हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है. पिछले वर्ष चिसोटी क्षेत्र में बादल फटने की घटना में बड़ी जनहानि के बाद इस बार प्रशासन ने सुरक्षा, पंजीकरण और निगरानी व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाया है ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके.
28 जुलाई से शुरू होगी यात्रा
प्रशासन के अनुसार मचैल माता यात्रा को फिलहाल तीन दिनों के लिए स्थगित किया गया है. अब 28 जुलाई से श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाएगी, लेकिन यह पूरी तरह मौसम की अनुकूल परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. किश्तवाड़ जिले की पद्दर घाटी में स्थित मचैल माता मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को जम्मू से लगभग 304.7 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है. अधिकांश यात्रा सड़क मार्ग से पूरी होती है, जबकि अंतिम 1.7 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय करना पड़ता है.

Machail Mata Yatra 2026: चंडी माता का मंदिर
प्रतिदिन 8,000 श्रद्धालुओं की सीमा तय
यात्रा को सुरक्षित और नियंत्रित रखने के लिए जिला प्रशासन ने प्रतिदिन अधिकतम 8,000 श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति देने का फैसला किया है. इसके अलावा यात्रा का समय भी निर्धारित किया गया है. श्रद्धालु सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे के बीच ही यात्रा कर सकेंगे. प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन स्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी.
ऑनलाइन पंजीकरण और RFID अनिवार्य
उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया. श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा की निगरानी के लिए RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) प्रणाली भी लागू की गई है. प्रशासन ने कहा कि बिना पंजीकरण किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी.
पिछले साल बादल फटने से हुई थी बड़ी त्रासदी
मचैल माता मंदिर के प्रवेश द्वार माने जाने वाले चिसोटी गांव में 14 अगस्त 2025 को बादल फटने की भीषण घटना हुई थी. इस हादसे में 63 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकांश श्रद्धालु शामिल थे. कई लोग घायल हुए थे और करीब 30 लोग लापता भी हो गए थे. इसी घटना को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है.

Machail Mata Yatra: माता का दरबार
25 जुलाई को खुलेंगे मंदिर के कपाट
धार्मिक परंपराओं के अनुसार 25 जुलाई को मचैल माता मंदिर के पवित्र कपाट खोले जाएंगे. इस अवसर पर मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोग विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करेंगे. इसके बाद मौसम की समीक्षा कर श्रद्धालुओं के लिए यात्रा शुरू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
यात्रियों के लिए बनाए गए पंजीकरण केंद्र
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किश्तवाड़ के सरकूट स्थित गौरी शंकर मंदिर आधार शिविर में दो RFID पंजीकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा गुलाबगढ़ क्षेत्र में भी करीब छह पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं ताकि यात्रियों को पंजीकरण में किसी तरह की परेशानी न हो.
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
किश्तवाड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेश सिंह ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. यात्रा की निगरानी के लिए पुलिस, NDRF, SDRF, सेना और विशेष पुलिस चौकियों को तैनात किया गया है. श्रद्धालुओं से मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करने और प्रशासन के निर्देशों का अनुसरण करने की अपील की गई है. प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे के निर्णय लिए जाएंगे.
यह भी पढ़ें : 6 दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, जम्मू से 6,269 श्रद्धालुओं का नया जत्था कड़ी सुरक्षा में रवाना
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं