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होटल-रेस्टोरेंट के लिए 'गुड न्यूज'! सरकार ने कमर्शियल LPG का आवंटन बढ़ाकर 50 % किया; लेकिन शर्तें लागू

मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि राज्यों ने सभी सुधार लागू कर दिए हैं और उपलब्ध 30 प्रतिशत आवंटन का लाभ उठा रहे हैं. नए निर्देश के अनुसार 23 मार्च 2026 से अगले आदेश तक राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी का और 20 प्रतिशत आवंटन दिया जाएगा, जिससे कुल आवंटन बढ़कर पूर्व-संकट स्तर के 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा. यह अतिरिक्त आवंटन कुछ शर्तों के साथ दिया जाएगा.

होटल-रेस्टोरेंट के लिए 'गुड न्यूज'! सरकार ने कमर्शियल LPG का आवंटन बढ़ाकर 50 % किया; लेकिन शर्तें लागू

केंद्र सरकार ने राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के संबंध में नया निर्देश जारी किया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने 21 मार्च 2026 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर बताया कि वाणिज्यिक एलपीजी की कुल आवंटन सीमा को अस्थायी रूप से बढ़ाया जा रहा है. पहले राज्यों को 20 प्रतिशत आवंटन मिल रहा था और 18 मार्च 2026 को जारी पत्र के बाद ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों के आधार पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन की अनुमति दी गई थी.

मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि राज्यों ने सभी सुधार लागू कर दिए हैं और उपलब्ध 30 प्रतिशत आवंटन का लाभ उठा रहे हैं. नए निर्देश के अनुसार 23 मार्च 2026 से अगले आदेश तक राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी का और 20 प्रतिशत आवंटन दिया जाएगा, जिससे कुल आवंटन बढ़कर पूर्व-संकट स्तर के 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा. यह अतिरिक्त आवंटन कुछ शर्तों के साथ दिया जाएगा.

50% आवंटन का लाभ केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा, जो सिटी गैस वितरण नेटवर्क से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लेने के लिए तैयार होंगे और इसके लिए जरूरी कदम उठाएंगे.

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के सेक्रेटरी डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्य/UT के चीफ सेक्रेटरी को लिखा है. लेटर में लिखा है, "मैं आपको बताना चाहता हूं कि 23.3.26 से अगले नोटिफिकेशन तक, राज्य को और 20% दिया जा रहा है, जिससे कुल एलोकेशन संकट से पहले के लेवल का 50% हो जाएगा. 20% का एक्स्ट्रा एलोकेशन इन सेक्टर को प्रायोरिटी पर दिया जाएगा: रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग/डेयरी, राज्य सरकारों या लोकल बॉडी द्वारा खाने के लिए चलाई जाने वाली सब्सिडी वाली कैंटीन/आउटलेट, कम्युनिटी किचन, माइग्रेंट मजदूरों के लिए 5kg FTL, साथ ही यह पक्का करने के उपाय भी किए जाएंगे कि इसका कोई डायवर्जन न हो..."

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मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त गैस वितरण में प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी जाएगी जो खाद्य और आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े हैं, जैसे रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग इकाइयां, डेयरी, राज्य सरकारों या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित सब्सिडी वाले कैंटीन और सामुदायिक रसोईघर. प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर भी इस प्राथमिकता सूची में शामिल है और राज्यों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी गैस का दुरुपयोग या डायवर्जन न हो.

पत्र में यह भी कहा गया है कि सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोलियम विपणन कंपनियों के साथ पंजीकरण अनिवार्य होगा. उपभोक्ताओं को यह विवरण देना होगा कि वे किस क्षेत्र में कार्यरत हैं, एलपीजी का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाएगा और सालाना कितनी गैस की आवश्यकता होगी. कंपनियाँ इन विवरणों को अपने डेटाबेस में दर्ज करेंगी. इसके अतिरिक्त उपभोक्ताओं के लिए शहर गैस वितरण नेटवर्क से पाइप्ड नेचुरल गैस के लिए आवेदन करना और गैस कनेक्शन प्राप्त करने की दिशा में सभी जरूरी कदम उठाना भी अनिवार्य कर दिया गया है. केवल वे उपभोक्ता, जो पीएनजी लेने के लिए तैयार स्थिति में होंगे, उन्हें इस 50 प्रतिशत कुल आवंटन से वाणिज्यिक एलपीजी दिए जाने के पात्र माना जाएगा.

मंत्रालय ने राज्यों से नए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और आवंटन का उपयोग प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के हित में करने को कहा है. पत्र में यह भी संकेत दिया गया है कि स्थिति की समीक्षा के बाद आवंटन संबंधी आगे की अधिसूचना जारी की जाएगी.

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