कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ वहां की एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है. इनमें से कम से कम 111 लोगों को अब तक डिपोर्ट किया जा चुका है. कनाडाई बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी के सूत्रों और कनाडा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप उनके लिए अब प्राथमिकता वाले टारगेट में शामिल है. इस कार्रवाई के बीच 25 साल के जशनदीप सिंह का मामला भी सामने आया है. जशनदीप सिंह भारतीय नागरिक है और दिसंबर 2022 में खुद को छात्र बताकर कनाडा पहुंचा था. कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने जुलाई में उसे कनाडा में रहने के लिए अयोग्य माना और देश से बाहर भेजने का आदेश दिया.
2025 के बर्थडे पार्टी के एक वीडियो से शुरू हुई सख्ती
पुलिस का आरोप है कि उसका संबंध लॉरेंस बिश्नोई के अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क से था. जशनदीप सिंह के खिलाफ कार्रवाई की एक बड़ी वजह सोशल मीडिया पर सामने आया एक वीडियो बना. यह वीडियो अगस्त 2025 में एडमंटन में हुई एक बर्थडे पार्टी का बताया गया है. पार्टी में बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अर्शदीप सिंह भी मौजूद था.
बिश्नोई गैंग का मीडिल मैनेजर अर्शदीप भी आया था नजर
अर्शदीप सिंह को बिश्नोई गैंग का मिडिल मैनेजर बताया गया है और उसे 2026 में कनाडा से डिपोर्ट किया जा चुका है. वीडियो में पार्टी के दौरान एक पिस्टल लोगों के बीच घूमती हुई दिखाई देती है. इसके बाद पूरा ग्रुप एक ग्रामीण इलाके में जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में अर्शदीप सिंह कथित तौर पर पिस्टल से हवा में कम से कम पांच गोलियां चलाता दिखाई देता है.
गाड़ी की डिक्की पर केक आया था नजर
वीडियो में बर्थडे केक भी गाड़ी की डिक्की पर रखा हुआ नजर आता है. सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. पुलिस को मौके से इस्तेमाल किए गए कारतूस के खोखे मिले. जांच आगे बढ़ी तो इस हथियार को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक कैफे पर हुई फायरिंग से जोड़कर देखा गया.
इमिग्रेशन सुनवाई के दौरान जशनदीप ने लॉरेंस से नकारा था लिंक
यह फायरिंग कनाडा के लोअर मेनलैंड इलाके में एक्सटॉर्शन से जुड़ी शूटिंग की जांच का हिस्सा थी. इस पूरे मामले में जशनदीप सिंह भी पुलिस के रडार पर आ गया. इमिग्रेशन सुनवाई के दौरान उसने बिश्नोई गैंग से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया. हथियार वाले वीडियो को लेकर भी उसने अलग-अलग दलीलें दीं.
इमिग्रेशन बोर्ड को बयान में मिले विरोधाभाष
रिपोर्ट के मुताबिक, इमिग्रेशन बोर्ड ने उसके बयान में कई विरोधाभास पाए और उसे विश्वसनीय नहीं माना. इस कार्रवाई के बाद कनाडा में बिश्नोई गैंग के नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी सामने आई है. बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों पर टेरर, एक्सटॉर्शन, ड्रग्स और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं.
इसी बीच सितंबर 2026 में गैंग की तरफ से कथित तौर पर सामने आया एक पत्र भी चर्चा में रहा. इस पत्र में गैंग ने कनाडा में अपने 5,000 शूटर होने का दावा किया था और कनाडा को धमकी दी थी कि वह जल्द ही देश पर कब्जा कर लेगा.
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