विज्ञापन

लॉरेंस बिश्नोई का करीबी दीपक खत्री गिरफ्तार, बांग्लादेश से चल रहे अंतरराष्ट्रीय हथियार नेटवर्क से जुड़े तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल मामले में लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी दीपक खत्री उर्फ मामा को गिरफ्तार किया है.

लॉरेंस बिश्नोई का करीबी दीपक खत्री गिरफ्तार, बांग्लादेश से चल रहे अंतरराष्ट्रीय हथियार नेटवर्क से जुड़े तार
लॉरेंस बिश्नोई का करीबी दीपक खत्री गिरफ्तार
NDTV

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल के मामले में एक और अहम गिरफ्तारी की है. क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम ने दीपक खत्री उर्फ दीपक नंदा उर्फ मामा को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दीपक खत्री लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी है और बिश्नोई गैंग के सदस्यों के बीच संपर्क बनाए रखने में उसकी अहम भूमिका रही है.

यह मामला अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है, जिसका कथित सरगना शाहबाज अंसारी बताया गया है. इस मामले में अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 32 विदेशी  अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं. इनमें दो सब-मशीन गन और 363 कारतूस शामिल हैं.

हवाई अड्डे पर रोका गया, फिर हुई गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक, दीपक खत्री के खिलाफ इस मामले में लुकआउट सर्कुलर यानी एलओसी जारी किया गया था. इसी के आधार पर उसे नई दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट थाने में हिरासत में लिया गया. पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच ने उसे इस मामले में गिरफ्तार कर लिया. जांच में पुलिस को उसके हथियार तस्करी के इस नेटवर्क और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से सक्रिय रूप से जुड़े होने के सबूत मिले हैं.

पूछताछ में दीपक खत्री ने कथित तौर पर बताया कि उसकी लॉरेंस बिश्नोई से पहली मुलाकात साल 2021 में हुई थी. उस समय बिश्नोई को पुलिस रिमांड पर दिल्ली लाया गया था. यह मुलाकात दीपक के दोस्त मनीष के जरिए हुई थी. मनीष एक क्लब चलाता है और लॉरेंस बिश्नोई का करीबी काला राणा उसके साथ रहता था. शुरुआत में दीपक खत्री को लॉरेंस बिश्नोई को कानूनी मदद और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा गया. इसके बाद उसने अपने दोस्त और वकील विशाल चोपड़ा की मुलाकात भी बिश्नोई से कराई. धीरे-धीरे दीपक की बिश्नोई से नियमित बातचीत शुरू हो गई और बाद में वह गैंग के दूसरे सदस्यों के संपर्क में भी आया.

बिश्नोई गैंग के बीच पहुंचाता था मैसेज

पुलिस के मुताबिक, जांच में दीपक खत्री की भूमिका सिर्फ कानूनी मदद तक सीमित नहीं रही. वह कथित तौर पर जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और उसके बाहर मौजूद सहयोगियों के बीच मैसेज पहुंचाने का काम भी करता था. पुलिस का कहना है कि दिल्ली में पुलिस रिमांड पर लाए गए या दिल्ली की जेलों में बंद गैंग के दूसरे सदस्यों को भी दीपक ने इसी तरह मदद पहुंचाई. इनमें काला राणा, काला जठेड़ी और जग्गू भगवानपुरिया के नाम सामने आए हैं.

पुलिस के मुताबिक, राजस्थान की जेल से अनमोल बिश्नोई के जमानत पर बाहर आने के बाद उसकी भी दीपक से मुलाकात हुई. बाद में अनमोल कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से बाहर चला गया और इसके बाद दीपक की गोल्डी बराड़ और उसके साथियों से भी संपर्क हुआ. दीपक ने उन्हें कथित तौर पर कानूनी सहायता और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं. जांच में दीपक खत्री की एक और कथित भूमिका सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, दिल्ली में जब लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी और रंगदारी की घटनाएं बढ़ने लगीं तो कई लोग दीपक खत्री से संपर्क करने लगे.

इनमें अवैध कॉल सेंटर चलाने वाले, सटोरिए, बिल्डर, ड्रग्स कारोबारी, क्लब संचालक और प्रॉपर्टी डीलर शामिल थे. मीडिया में लॉरेंस बिश्नोई के साथ दीपक की तस्वीरें और अदालतों में उसकी मौजूदगी सामने आने के बाद धमकी पाने वाले लोग उसे बिश्नोई का करीबी मानकर संपर्क करने लगे. पुलिस का आरोप है कि दीपक ने ऐसे मामलों में समझौता कराने का काम शुरू कर दिया. कुछ मामलों में कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई खुद धमकी पाने वाले व्यक्ति को दीपक खत्री से संपर्क कर समझौता करने के लिए कहता था.

सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस से कैसे जुड़े तार?

पुलिस के मुताबिक, साल 2023 में दिल्ली के एक कारोबारी से जुड़े धमकी और रंगदारी के मामले में बिश्नोई ने कारोबारी को करीब 2.5 करोड़ रुपये के समझौते के लिए दीपक खत्री से बातचीत करने को कहा था. इसके बाद दिल्ली में बिश्नोई के नाम पर धमकी मिलने वाले मामलों में दीपक कथित तौर पर बिश्नोई से कानूनी मुलाकात कर समझौते कराने की कोशिश करता था. जांच के दौरान दीपक खत्री की भूमिका सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शूटरों द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार की कथित खरीद से भी जुड़ी सामने आई है.

पुलिस के मुताबिक, इन हथियारों की खरीद में शाहबाज अंसारी और सलीम पिस्टल की भूमिका सामने आई थी. जांच में यह भी पता चला कि सलीम पिस्टल की हाशिम बाबा से मुलाकात के बाद शूटरों के लिए हथियार की व्यवस्था की गई थी. इस मामले में गैंग के सदस्य रुबल और नोनी के नाम भी सामने आए हैं, जिनके बारे में पुलिस का कहना है कि वे सट्टेबाजी की गतिविधियों से जुड़े थे.

इंटरनेशनल हथियार तस्करी से जुड़ा नेटवर्क

जांच का सबसे अहम पहलू अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है. पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क का कथित सरगना शाहबाज अंसारी है, जो लॉरेंस बिश्नोई के साथ एनआईए के एक मामले में भी आरोपी है. पुलिस का आरोप है कि अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद शाहबाज अंसारी ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया और अवैध रास्ते से भारत से फरार होकर बांग्लादेश पहुंच गया.

फिलहाल वह बांग्लादेश से इस अवैध हथियार नेटवर्क को संचालित और समन्वित कर रहा है. जांच में सामने आया कि लॉरेंस बिश्नोई ने कथित तौर पर दीपक खत्री को अपने गैंग के सदस्यों के लिए अवैध हथियार और गोला-बारूद की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी दी थी.

इसके बाद दीपक ने कथित तौर पर निशांत अरोड़ा उर्फ नोनी और हर्ष पाल सिंह उर्फ रुबल से संपर्क किया. पुलिस के मुताबिक, ये दोनों विदेशी हथियारों और गोला-बारूद की खरीद और सप्लाई में अहम भूमिका निभा रहे थे. जांच में पुलिस को पता चला कि नोनी और रुबल कथित तौर पर बांग्लादेश में बैठे शाहबाज अंसारी से विदेशी हथियार और गोला-बारूद हासिल करते थे. इसके बाद इन्हें लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों और सहयोगियों तक पहुंचाया जाता था.

इस तरह जांच में एक ऐसा नेटवर्क सामने आया है, जिसमें बांग्लादेश में बैठे कथित सरगना से विदेशी हथियार हासिल करने, उन्हें भारत लाने और फिर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग लोगों की भूमिका तय थी.

क्राइम ब्रांच अब इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बांग्लादेश से भारत तक हथियार पहुंचाने के लिए कौन-कौन से रास्तों और लोगों का इस्तेमाल किया गया और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: 'निज्जर को मारने की जिम्मेदारी लेकर खुद को मुश्किल में डाला', आतंकी पन्नू की गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई को धमकी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Delhi Crime Branch, Lawrence Bishnoi, Lawrence Bishnoi Aide, Lawrence Bishnoi Aide Arrested, Lawrence Bishnoi Associate Arrested
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com