- कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में बारिश के दौरान भीड़ के दबाव से भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई है
- इस हादसे में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं जबकि 25 घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं
- मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और नौकरी देने की घोषणा की है
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में शनिवार रात बारिश के बीच अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ मच गई. इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है. वहीं हादसे में घायल 25 लोगों का इलाज चल रहा है. सीएम सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले की जांच के लिए SIT गठित करने की बात कही है. कोलकाता पुलिस पंडाल कमेटी से जुड़े 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में 7 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया. इस हादसे के बाद कोलकाता पुलिस अलर्ट मोड में है. कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने शहर के कुछ हिस्सों में धारा-163 लगा दी है. इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले कई दुर्गा पूजा आयोजनों को अस्थायी रूप से अपने पंडाल बंद करने की सलाह दी है.
कोलकाता में 3500 पंडाल, प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन
चोरबागान दुर्गा पंडाल में भगदड़ के बाद पुलिस ने भीड़भाड़ वाले कई दुर्गा पूजा आयोजनों को अस्थायी रूप से अपने पंडाल बंद करने की सलाह दी है. कोलकाता में दुर्गा पूजा के लिए करीब 3,500 पंडाल लगाए गए हैं. प्रशासन कई पंडालों का निरीक्षण कर रहा है.
West Bengal | Kolkata Police Commissioner Ajay Nand has imposed prohibitory orders under Section 163 of the BNSS in parts of the Bowbazar area for 3 days, from Oct 18 to Oct 20, to prevent breach of peace. It bans the assembly of five or more individuals, the possession of lathis or dangerous weapons, and any actions that disrupt public harmony.
— ANI (@ANI) October 18, 2026
कोलकाता के कुछ इलाकों में धारा-163 लागू
कोलकाता मेडिकल कॉलेज और आसपास के इलाकों में बीएनएसएस की धारा 163 लागू की गई है. पुलिस कमिश्नर की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर एक वर्ग या किसी संगठन के हिंसक प्रदर्शन, रैलियां, सभाएं करने की आशंका में बीएनएसएस 163 लागू किया गया है.
आदेश के अनुसार, सार्वजनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य या सुरक्षा में बाधा आने और लोगों की सुरक्षा में जोखिम की आशंका पर बीएनएसएस 163 लागू किया है. आदेश के मुताबिक, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 की उप-धारा (1) के तहत कार्रवाई करते हुए व्यापक जनहित में शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने को तुरंत रोकने के लिए, कोलकाता शहर और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी रैली, बैठक, जुलूस, धरना या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है. 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक यानी तीन दिनों के लिए बीएनएसएस 163 लागू किया गया है.
घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार सुबह उस अस्पताल पहुंचे, जहां कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में घायल हुए लोगों का इलाज किया जा रहा है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी शाह के साथ थे. इससे पहले शाह ने रविवार सुबह कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर अस्पताल पहुंचे. पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर आए शाह ने इस हादसे के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में जाने के अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए थे.
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता भगदड़ पर गहरा दुख जताया. इसके साथ ही कोलकाता मेडिकल कॉलेज में एक इमरजेंसी बैठक की गई थी. इस बैठक में सुवेंदु अधिकारी, मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे.
मुख्यमंत्री ने कहा, 'जिन 19 परिवारों ने अपने किसी सदस्य को खोया है, उनके लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है. उनमें से 13 परिवारों से मैंने वन-टू-वन मुलाकात की. मैंने उन्हें भरोसा दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी मदद करेगी. उन्होंने भी सरकार पर भरोसा जताया है. पश्चिम बंगाल सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा और एक नौकरी देगी तथा हर घायल का 100 प्रतिशत मेडिकल खर्च सरकार उठाएगी, साथ ही 5 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा भी देगी.'
उन्होंने कहा, 'पूरे राज्य में 58,000 पूजाएं हो रही हैं. इस घटना को देखते हुए सभी को सावधानी बरतनी चाहिए और जरूरी एहतियात लेने चाहिए. भीड़ नियंत्रण बनाए रखना चाहिए और फायर ब्रिगेड, पुलिस के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करना चाहिए, जिसमें पर्याप्त लाइटिंग, एंट्री-एग्जिट पॉइंट और सुरक्षा शामिल है ताकि सभी सहयोग कर सकें.'
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