केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के मानसून सत्र, चीन सीमा विवाद, राहुल गांधी के बयान, वंदे मातरम्, परिसीमन और विपक्ष की राजनीति को लेकर कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और सेना जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए तथा तथ्यों के बिना बयान देकर लोगों को भ्रमित करना उचित नहीं है.
राहुल गांधी के चीन संबंधी बयान पर सवाल
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के उस दावे को खारिज किया जिसमें चीन के भारतीय सीमा में 60 किलोमीटर अंदर तक घुस आने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कुछ क्षेत्रों में सीमा निर्धारण को लेकर पुराने विवाद जरूर हैं, लेकिन यह कहना कि चीन 60 किलोमीटर अंदर आ गया है, पूरी तरह गलत है.
उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा के कई हिस्सों में स्पष्ट सीमांकन नहीं हुआ है. चीन ने अपनी तरफ काफी पहले से सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा विकसित कर लिया था, जबकि भारत में लंबे समय तक ऐसा नहीं हुआ. रिजिजू ने कहा कि 2014 के बाद मोदी सरकार ने सीमा क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास को तेजी से आगे बढ़ाया है.
'सेना पर टिप्पणी से बचना चाहिए'
रिजिजू ने कहा कि सेना देश की रक्षा करती है और उसे राजनीतिक विवादों में नहीं घसीटना चाहिए. उन्होंने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए इस्तेमाल की गई कथित आपत्तिजनक भाषा पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि सेना और सुरक्षा बलों का सम्मान हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है.
संसद में हंगामे पर विपक्ष को घेरा
संसद में विपक्ष के हंगामे को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह नियमित रूप से संसद में मौजूद रहते हैं. उन्होंने विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार नारेबाजी और व्यवधान के बीच सदन की कार्यवाही प्रभावित होती है. उन्होंने यह भी कहा कि संसद को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार ने कई प्रयास किए, लेकिन विपक्ष का सहयोग अपेक्षित स्तर पर नहीं मिला.
छात्रों और परिसीमन के मुद्दे पर क्या बोले?
छात्रों के आंदोलनों को लेकर रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की चिंताओं को सुनती है और उनके हित में काम भी करती है. हालांकि उन्होंने राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्र मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते हैं. परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर आगे बढ़ना चाहती है और कांग्रेस से भी समर्थन मांगा गया है. यदि विपक्ष सकारात्मक रुख अपनाता है तो इस दिशा में सहमति बन सकती है.
'वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत है'
वंदे मातरम् को लेकर उठे विवाद पर रिजिजू ने कहा कि यह किसी दल या धर्म विशेष का गीत नहीं बल्कि राष्ट्रीय गीत है. उन्होंने कहा कि हर भारतीय को इसका सम्मान करना चाहिए.
विपक्ष में आत्मविश्वास की कमी का दावा
रिजिजू ने कहा कि विपक्षी गठबंधन के भीतर एकजुटता की कमी दिखाई दे रही है. उनके अनुसार जब विपक्ष चुनाव नहीं जीत पाता तो उसकी हताशा संसद में देखने को मिलती है. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के बड़े नेता हैं और यदि वे चाहें तो विपक्षी सांसदों के व्यवहार में बदलाव ला सकते हैं.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं