इंडिया गठबंधन का निर्वाचन सदन मार्च वैसे तो सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ और बाकी नेता जा चुके हैं मगर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष साथ में प्रियंका गांधी,कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल,पंजाब से लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए. लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने राहुल समेत सभी विपक्षी नेता को वहां से हटा दिया है और हिरासत में ले लिया है.
अब चलते हैं फ्लैश बैक में जब इंडिया गठबंधन के सांसद संसद परिसर के मकर द्वार पर जमा होने शुरू हुए. कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों का आना शुरू हुआ फिर उसमें बाकी पार्टियों के सांसद भी जुटते गए. मगर शमां बांधा समाजवादी पार्टी के सांसदों ने.
लाल टोपी और लाल गमछा के साथ वो अलग ही दिख रहे थे और उनके हाथों में लाल रंग की तख्तियां भी थी जिसमें अलग-अलग नारे भी लिखे थे. कैराना से सपा सांसद इकरा हसन के हाथ में जो तख्ती थी उसमें लिखा था 'एक कचौरी दो समोसा,ज्ञानेश तेरा क्या भरोसा'.
जया बच्चन के कंधे पर गमछा
इस पर एनडीटीवी ने जब उनसे पूछा कि यह तो जेन जी का नारा है तो इकरा हसन ने कहा यह हमारे प्रतिरोध का भी प्रतीक बन चुका है. उसी तरह जया बच्चन के कंधे पर लाल गमछा था और हाथ की तख्ती पर लिखा था कि 'चुनाव आयोग भेदभाव कर रहा, पीडीए के वोटों को काट रहा'
जब एनडीटीवी ने जया बच्चन से इस पर सवाल पूछा तो उनका जवाब था कि 'धीरे-धीरे लाल टोपी के साथ लाल गमछा भी वस्त्र बनता जा रहा है'
तख्ती पर लिखे नारे पर उन्होंने कहा कि 'करेक्ट है बैनर वो इसलिए ये कर रहे हैं कि पीडीए के वोट कट जाएं. सब कुछ आगे चुनाव को सोच समझकर,कर रहे हैं.'
संसद से करीब दो सौ सांसदों का काफिला निकलता है. ट्रांसपोर्ट भवन से होते हुए आगे बढ़ता है पीटीआई और आरबीआई बिल्डिंग को जैसे ही पार करता है, मार्च को रोक दिया जाता है,वहां पर पुलिस की भारी तैनाती होती है.
वहां तमाम तरह के सुरक्षाबल वहां मौजूद होते हैं. यह जगह के एक तरफ आकाशवाणी भवन है तो दूसरी तरफ नीति आयोग.
सांसदों का धरना वहीं रूक गया. अखिलेश यादव वहीं जमीन पर बैठ गए, बाकी नेता भी वहीं जमा हो गए. इसी बात राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए और तिरंगा लहराने लगे. अखिलेश यादव इस बार बैरिकेड पर नहीं चढ़े जिसकी वजह उन्होंने बताई कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है. इसके बाद में पता चला कि अखिलेश यादव को बुखार है.
पुलिस ने हिरासत में लेने के लिए क्या क्या किया इंतजाम
होता ये है कि तब तक पुलिस ने इन नेताओं को हिरासत में लेने के लिए बसें लगा दी थी,जहां से इन सभी सांसदों को बगल के संसद मार्ग थाने ले जाया जाना थे. बहुत सारे सांसद भी बसों में बैठ चुके थे जिसमें अखिलेश यादव और बाकी सपा सांसद,अभिषेक बनर्जी,मनोज झा,डेरेन ए ब्रायन जैसे सांसद भी थे.
यहां तक कि प्रियंका गांधी भी एक बस में बैठ चुकी थी. मगर राहुल बस में बैठने के बजाए आकाशवाणी भवन की तरफ चल दिए जहां उनको अंदर जाने से रोक दिया गया. तभी पीछे से कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल भागते हुए आए.
प्रियंका गांधी को मालूम चला तो वो भी बस से उतर कर भागी हुई आईं. आकाशवाणी भवन के गेट पर कुछ देर बहस होती है कि आखिर सांसदों को सरकारी बिल्डिंग में जाने से क्यों रोका जा रहा है तब इन सबको अंदर जाने दिया गया.
ये घटना करीब दो बजे की है. लेकिन करीब 8 घंटे के धरना के बाद राहुल गांधी समेत वहां मौजूद सभी विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभी कांग्रेस सांसदों को दिल्ली में ही रहने के लिए कहा है.
बीजू जनता दल ने दिया साथ
इस धरने की एक खास बात रही कि बीजू जनता दल ने पहली बार इंडिया गठबंधन का साथ देने सड़कों पर उतरी.बीजू जनता दल के दो सांसद मानस मंगराज और सुलाता देव आईं थी साथ ही पूर्व सांसद मुजिबुल्लाह खान भी शामिल हुए थे.
यही नहीं इंडिया गठबंधन ने आगे की रणनीति भी तय कर लिया है. 1 नबंवर को इंडिया गठबंधन की रैली के लिए रामलीला मैदान बुक हो गया है. इसके साथ ही राष्ट्रपति से मिलने के लिए कल या परसों यानी 7 -8 अक्टूबर का समय मांगा गया है. अगर 9 अक्टूबर को समय मिला तो भी दिक्कत नहीं है.
राष्ट्रपति से मिलने वालों में दोनों सदन के नेता प्रतिपक्ष यानी खरगे और राहुल गांधी,ममता बनर्जी,अखिलेश यादव,शरद पवार,उमर अब्बदुल्ला,तेजस्वी यादव,एमए बेबी और डी राजा(सीपीआई)के नाम दिए गए हैं. भले ही विपक्ष के नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है लेकिन अभी राजनीतिक गतिविधि जारी रहने का अनुमान है.
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