केदारनाथ धाम में मंदिर मार्ग से अस्थायी दुकानों को हटाए जाने की कार्रवाई के बाद व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है. शनिवार को बड़ी संख्या में व्यापारी हेलीपैड क्षेत्र में एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान स्थानीय विधायक आशा नौटियाल के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. व्यापारियों ने आरोप लगाया कि दुकानों को हटाए जाने से उनका रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
व्यापारियों का कहना है कि वे लंबे समय से केदारनाथ धाम में दुकानें संचालित कर अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रहे हैं. यात्रा सीजन के बीच अचानक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. व्यापारियों ने प्रशासन से इस कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और प्रभावित लोगों के रोजगार की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है.
-
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज -
NDTV World Summit 2026: Asian Games में कैसे जीते 2 Gold Medal? Shooter Neeru Dhanda ने बताया -
AI न नौकरी खाएगा, न इंसानों की जगह लेगा... NDTV World Summit में माइक वॉल्श ने बता दिया AI का फ्यूचर -
महंगाई, GDP और AI पर RBI गवर्नर Sanjay Malhotra का बड़ा बयान, आम आदमी को कितनी राहत? | EXCLUSIVE -
Ashwini Vaishnaw की कुर्सी के पीछे की ओर क्यों लगी है कील? | EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026 -
रेलमंत्री वैष्णव ने बताया बुलेट ट्रेन में देरी की क्या रहीं वजहें, जापानी मंत्री के आरोपों का दिया जवाब -
NDTV World Summit 2026 | भारत पर साइबर अटैक का खतरा कितना बड़ा? Microsoft के निकोलस बट्स ने बताया -
AI पर भारत में आएगा कानून, NDTV World Summit में बोले अश्विनी वैष्णव- चंद हफ्तों में आएगा कंसल्टेशन पेपर -
NDTV World Summit 2026: सेमीकंडक्टर, AI और बुलेट ट्रेन पर क्या है भारत का मेगा प्लान? अश्विनी वैष्णव ने बताया -
'भारत के लिए खतरा बिल्कुल रियल': NDTV वर्ल्ड समिट में माइक्रोसॉफ्ट के AI विशेषज्ञ निकोलस बट्स
तरह अन्यायपूर्ण है : केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी
केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी का कहना है कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद तीर्थ पुरोहित समाज ने केदारनाथ पुनर्निर्माण के लिए अपनी जमीन और दुकानें सरकार को उपलब्ध कराई थीं. इसके बदले कई तीर्थ पुरोहितों को घर और दुकान बनाने के लिए जमीन वापस दी गई, लेकिन अभी भी कई लोगों को उनका हक नहीं मिला है. संतोष त्रिवेदी का कहना है कि सरकार को अपने किए गए वादे पूरे करने चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि पात्र तीर्थ पुरोहितों और व्यापारियों की दुकानों को भी अपात्र लोगों के साथ हटाया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है.
वहीं, केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित राजकुमार तिवारी का कहना है कि प्रशासन जिन दुकानों को हटा रहा है, उनमें कुछ अवैध निर्माण जरूर हो सकते हैं, लेकिन कई ऐसे लोग भी प्रभावित हो रहे हैं जो वहां के वैध हक-हकूकधारी हैं. उनका कहना है कि सरकार को वर्ष 2013 के बाद किए गए अपने वादों को निभाना चाहिए और पात्र लोगों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए.
व्यापारियों और प्रशासन के बीच वार्ता
दूसरी ओर, व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. प्रदर्शन के कारण हेली सेवाओं के संचालन पर भी असर पड़ा, जिससे धाम पहुंचने और वापस लौटने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा. घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं. व्यापारियों और प्रशासन के बीच वार्ता कर स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. हालांकि, व्यापारियों का आक्रोश देखते हुए आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है.
ऊखीमठ के एसडीएम ने क्या कहा?
केदारनाथ जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण तीर्थस्थल पर रोजगार, अतिक्रमण और यात्रा व्यवस्था को लेकर उपजा यह विवाद प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. अब देखना होगा कि प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या फैसला लेता है और हेली सेवाओं के साथ-साथ यात्रा व्यवस्था को किस तरह सामान्य करता है. उधर, ऊखीमठ के एसडीएम अनिल रावत ने कहा कि केदारनाथ मास्टर प्लान के तहत आस्था पथ पर किसी भी प्रकार की दुकान लगाने की अनुमति नहीं है. उन्होंने बताया कि जिन दुकानों को हटाया गया है, उनके संचालकों के पास वैध कानूनी दस्तावेज नहीं थे. कोई भी ऐसा प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि उन्हें वहां दुकान लगाने की अनुमति दी गई थी. एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि आस्था पथ पर लगाए गए सभी गैरकानूनी ढांचों और दुकानों को हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
ये भी पढ़ें : उत्तराखंड में आखिर क्यों बदल रहा बर्फबारी का पैटर्न? वैज्ञानिक खुश भी हैं और चिंतित भी, 10 साल में बड़ा बदलाव
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं