लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, "माफी तो उनको मांगनी पड़ेगी. आप इस तरह से झूठ नहीं फैला सकते हैं. आप इतने गंभीर आरोप किसी पर नहीं लगा सकते हैं."
#WATCH | Delhi: On the Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi's statement, BJP MP Kangana Ranaut says, "He has to apologise. You cannot spread lies like this and level such serious allegations against someone." pic.twitter.com/JBvWKeMSgY
— ANI (@ANI) July 30, 2026
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 29 जुलाई को संसद सत्र में प्रोटेस्ट के वक्त छात्रों पर हुई पुलिस की कार्रवाई के लिए जवाबदेही की मांग की. प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की बर्बरता का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने सवाल किया कि पुलिस को ऐसा करने का विचार कहां से आया. बीजेपी ने इस बयान को लेकर राहुल गांधी से माफी की मांग की है लेकिन उन्होंने संसद में दिए अपने इस भाषण के लिए माफी मांगने से भी इनकार कर दिया है, जिसके कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटा दिया गया है.
बीजेपी नेता संबित पात्रा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मैं राहुल गांधी और सदन में उनके दिए बयान पर भारतीय जनता पार्टी का रुख साफ कर देना चाहता हूं. राहुल गांधी को माफी मांगनी ही होगी."
संबित पात्रा ने आगे कहा, "वे कहते हैं कि वे कभी किसी बीजेपी नेता से माफी नहीं मांगेंगे, लेकिन कुछ दिन पहले ही उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से माफी मांगी थी. सब जानते हैं कि उन्होंने पहले भी कोर्ट में माफी मांगी है."
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आखिर राहुल गांधी ने कहा क्या है?
राहुल गांधी ने कहा कि विरोध कर रहे छात्रों पर पैलेट गन से गोलियां चलाई गईं. उन्होंने सवाल किया, "एक लड़का जिसे पैलेट गन लगी है, उसकी आंख जाने का बहुत ज्यादा खतरा है और हो सकता है कि वह देख न पाए. मैंने AIIMS का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है. शॉक बैटन का इस्तेमाल किया गया. कील लगी लाठियों का इस्तेमाल हुआ. पुलिस को यह आइडिया कहां से आया?"
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "मेरे लिए आज सबसे अहम मुद्दा यह है कि दिल्ली की सड़कों पर हमारे छात्रों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई."
शाम 6 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया गया. राहुल ने आगे कहा, "विपक्ष के नेता को लोकसभा में बोलने की इजाजत नहीं है. मैंने कई बार स्पीकर से सदन में व्यवस्था बनाए रखने को कहा, जिससे मैं बोल सकूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया. बहाना यह बनाया गया कि मैंने अमित शाह के बारे में कुछ कहा था, कि जो बर्बरता हुई, उसके लिए वे जिम्मेदार थे."
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राहुल गांधी ने आगे कहा, "मुझे भरोसा दिलाया गया कि अगर मैं माफी मांग लूं, तो मुझे बोलने दिया जाएगा. मैं बीजेपी, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी शख्स से कभी माफी नहीं मांगूंगा."
संसद में अपने भाषण के दौरान, गांधी ने आरोप लगाया था कि पुलिस केंद्रीय गृह मंत्री से आदेश ले रही थी. बाद में, संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मैंने बस इतना कहा है कि केवल दो ही संभावनाएं हो सकती हैं. एक संभावना यह है कि गृह मंत्री ने आदेश दिया. दूसरी संभावना यह है कि गृह मंत्री को पता ही नहीं था. पहली स्थिति में, वे दोषी हैं. दूसरी स्थिति में, वे सक्षम नहीं हैं. इन दोनों में से ही कोई एक बात हो सकती है; कोई तीसरी संभावना नहीं हो सकती."
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