नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में जंतर मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है और कहा है कि हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए. राहुल गांधी ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि देश का भविष्य सड़कों पर उतरा, वो अपना भविष्य संवारने के लिए आगे आया.
हर भारतीय को छात्रों पर गर्व हो
राहुल गांधी ने कहा कि मैं काफी उत्साहित था, देश के भविष्य द्वारा मुझे भरोसा दिलाया गया है वो खुद को सुरक्षित करेंगे. बीजेपी में मेरे दोस्त समेत सभी राजनीतिक दलों को इसको मानना चाहिए. बीजेपी के लोगों के अपने बच्चों से जाकर पूछना चाहिए कि वो बच्चे जो कर रहे थे वो क्या गलत था. जो भी हुआ वो गलत नहीं था सभी भारतीय को इसपर गर्व करना चाहिए.
कांग्रेस नेता आगे कहा कि मैं नेक्स्ट जेनरेशन के बारे में अपना भाषण देना चाहता था. मैंने सोचा कहां से मैं शुरू करूं. फिर मैंने सोचा कि जिन छात्रों के साथ मेरी बातचीत हुई थी वहां से शुरू करूं. एक युवा लड़की ने मुझे काफी अच्छा प्रोस्पेक्टिव दिया. मैंने लड़की से पूछा कि आपने कहा कि आप छात्र हैं, इसका क्या मतलब है. क्या इसका मतलब ये है कि आप कॉलेज में पढ़ती हैं, किताब पढ़ती हैं, आप मुझे उत्तर दीजिए. उनसे कहा कि छात्र का मतबल ओपन माइंड और ओपन हार्ट होता है.
राहुल के 'इडियट' कहने पर बवाल
इसके बाद सरकार पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्र समझते हैं कि दुनिया लगातार बदल रही है. छात्रों को पता है कि ज्ञान भी लगातार बदल रहा है. मैंने इसके बाद छात्र से अगला सवाल पूछा अन्य कौन हैं, उन्होंने कहा कि कुछ अलग ग्रुप हैं जो छात्र नहीं है. वो मानकर चलते हैं कि वो सबकुछ जानते हैं. वो मानते हैं कि दुनिया एक जगह है. उनका मानना है कि ज्ञान उनके अंदर से आता है, वो मानते हैं कि वो भगवान हैं. वो मानते हैं कि दुनिया में जो कुछ भी है वो उनको आता है, वो सुनते नहीं है, वो अहंकारी हैं. राहुल ने कहा कि जब मैंने उनसे पूछा कि आप उन्हें क्या कहते हैं तो छात्र ने कहा कि मैं उन्हें बेवकूफ कहती हूं.
रिजिजू के साथ राहुल की तीखी बहस
जैसे ही संसद में राहुल गांधी ने इडियट शब्द का इस्तेमाल किया, जमकर बवाल शुरू हो गया. केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने उनकी भाषा को असंसदीय करार दिया और माफी की मांग की। स्पीकर ओम बिरला ने भी स्पष्ट कर दिया गया अंससदीय शब्दों को संसद की कार्यवाही से हटा दिया जाएगा. लेकिन इसके बाद राहुल गांधी स्पीकर से भी खफा हो गए. उन्होंने कहा कि ये शब्द असंसदीय तब होता जब मैं किसी सदस्य के खिलाफ इस शब्द का यूज करता. मैं केवल एक बात रख रहा हूं. सर आप केवल चाहते हैं कि केवल बीजेपी बोले तो मैं अपनी सीट पर बैठ जाता हूं. मैं बोलता हूं रिजिजू खड़े हो जाते हैं. लीजिए वो फिर से आ गए.
राहुल के इस बयान पर स्पीकर ने आपत्ति जताई, उन्होंने जोर देकर बोला कि सदन मर्यादा से चलता है, इसे गुस्से से नहीं चलाया जा सकता है. ऐसे किसी पर भी आरोप नहीं लगाए जा सकते हैं. सदन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए बोलना जरूरी है.
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