लोकसभा में पेपर लीक बिल के मुद्दे पर राहुल गांधी ने बुधवार को सत्ता पक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने गृहमंत्री को लेकर सीधा सवाल किया कि नीट पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश क्यों दिया? इसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ. भाषण में व्यवधान के बाद उन्होंने संवाददाता सम्मेलन किया और मीडिया के सामने अपनी बात रखी. राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने भाषण में कुछ ऐसे शब्दों का जिक्र किया, जिसे अब लोकसभा की कार्यवाही से हटा दिया गया है इसलिए उसका उल्लेख यहां नहीं किया जा सकता है, मगर जो बातें उन्होंने अपने संवाददाता सम्मेलन में कही उससे उनकी रणनीति साफ झलकती हैं. एक तो राहुल गांधी ने सरकार के लोक परीक्षा संशोधन बिल की यह कहते हुए हवा निकाल दी कि सरकार कह रही है कि इस बिल में उन्होंने सजा और जुर्माना के प्रावधान बहुत कड़े कर दिए हैं तो इसका मतलब यह समझा जाए कि सरकार अभी भी मानती है कि पेपर लीक होना जारी रहेगा.
गृहमंत्री अमित शाह से पूछा था सीधा सवाल
राहुल गांधी का कहना है कि मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का है, केवल पेपर लीक का नहीं है. यही बात संसद में कांग्रेस के सहयोगी दलों ने भी कही है और इंडिया गठबंधन की यह लाइन उनकी रोजाना होने वाली बैठक में तय की गई है. इस बैठक में यह भी तय किया गया कि राहुल गांधी अपने भाषण में 20 जुलाई को जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर जो पेलेट गन और जो बल प्रयोग हुआ उसका मामला उठाएगें और सीधे केंद्रीय गृहमंत्री से सवाल पूछेंगे. राहुल गांधी ने लोकसभा में यही किया और केन्द्रीय गृहमंत्री से जवाब मांगना शुरू किया उसके बाद वही हुआ जो होना था सदन में हंगामा शुरू हुआ और सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी. यह पहली बार हुआ है जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने केंद्रीय गृहमंत्री पर सवाल दागे हैं. कांग्रेस यही रणनीति राज्यसभा में भी अपनाने वाली है और वहां नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे उसी भूमिका में होंगे जिस भूमिका में राहुल गांधी लोकसभा में थे. कांग्रेस को मालूम है सरकार के पास संख्या बल है और वो लोक परीक्षा संशोधन बिल पास करा ले जाएगी मगर पैलेट गन के इस्तेमाल पर सरकार को घेरा जा सकता है और इसी बहाने केंद्रीय गृहमंत्री पर निशाना साधा जा सकता है.
विपक्ष के पास नहीं है मुद्दों की कमी
दूसरी ओर इंडिया गठबंधन की बैठक में इस बात पर भी रणनीति बनी है कि जहां कांग्रेस जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का मुद्दा उठाती रहेगी, वहीं समाजवादी पार्टी अयोध्या में राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले में लीड भूमिका में रहेगी इसका नजारा बुधवार को संसद भवन परिसर में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन में भी देखने को मिला जहां समाजवादी पार्टी के नेताओं ने बैनर और दान पेटी के साथ आए थे और डिंपल यादव के हाथ में दान पेटी थी, जिसमें वो पैसे डलवा रही थीं. विपक्ष को मालूम है कि पहले पेपर लीक और अब राम मंदिर चंदा चोरी पर सरकार बैकफुट पर है. यही नहीं विपक्ष ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का मामला भी एजेंडे में डाल रखा है, जिसे राम मंदिर में चंदा चोरी के बाद उठाया जाएगा. कहने का मतलब है कि मॉनसून के इस सत्र में विपक्ष के पास मुद्दों की कमी नहीं है और मॉनसून सत्र का बचा हिस्सा भी हंगामेदार रहने वाला है.
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