विज्ञापन

VIDEO: ईरान की परमाणु महत्वकांक्षा पर 2013 में भारत आए अली लारिजानी ने NDTV से क्या कहा था?

अली लारिजानी 2013 में भारत आए थे. तब उन्होंने NDTV के Walk the Talk शो में अपनी बातें रखी थी. इस इंटरव्यू में लारिजानी ने भारत-ईरान दोस्ती को बड़ी अहमियत दी थी. उन्होंने ईरान के सदियों पुराने संबंधों को अटूट बताया है.

VIDEO: ईरान की परमाणु महत्वकांक्षा पर 2013 में भारत आए अली लारिजानी ने NDTV से क्या कहा था?
2013 में भारत आए अली लारिजानी ने NDTV को दिया था इंटरव्यू.
  • ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी की इजरायल के हमले में मौत हो गई, वो सुप्रीम लीडर के सलाहकार भी थे.
  • 2013 में भारत आए अली लारिजानी ने NDTV को दिए गए इंटरव्यू में भारत-ईरान संबंध को महत्वपूर्ण बताया था.
  • लारिजानी ने इस इंटरव्यू में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में भी बात की थी.
नई दिल्ली:

इजरायल और अमेरिका के साथ जारी जंग को लेकर ईरान पर इन दिनों पूरी दुनिया की निगाहें टिकी है. अमेरिका और इजरायल के भीषण हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई बड़े नेता और कमांडरों को खोने के बाद भी ईरान जंग में कमजोर पड़ता नजर नहीं आ रहा है. ईरान की मिसाइलें और ड्रोन मिडिल ईस्ट के कई देशों में हाहाकार मचा रहे हैं. हाल ही में इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी की भी मौत हो गई. अली लारिजानी ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के सहालकार भी थे. सुप्रीम लीडर की मौत के बाद लारिजानी ईरानी जवाबी कार्रवाई में अहम भूमिका निभा रहे थे. इजरायल के हमले में लारिजानी की मौत के बाद उनका एनडीटीवी को दिया 13 साल पुराना इंटरव्यू सामने आया है. जिसमें वो भारत-ईरान रिश्ते के साथ-साथ ईरान की परमाणु नीति पर भी बातें करते नजर आ रहे हैं.  

2013 में भारत आए थे अली लारिजानी

दरअसल अली लारिजानी 2013 में भारत आए थे. तब उन्होंने NDTV के Walk the Talk शो में अपनी बातें रखी थी. इस इंटरव्यू में लारिजानी ने भारत-ईरान दोस्ती को बड़ी अहमियत दी थी. उन्होंने ईरान के सदियों पुराने संबंधों को अटूट बताया है. शेखर गुप्ता के साथ विशेष बातचीत में लारीजानी ने परमाणु मुद्दे, क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर खुलकर चर्चा की थी.

'ईरान का परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए'

अक्टूबर 2013 में भारत आए अली लारिजानी ने NDTV से कहा था कि ईरान ने बार-बार कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला के सलाहकार रहे लारिजानी ने एनडीटीवी के इंटरव्यू में साफ कहा, 'ऐसे हथियारों (परमाणु, जैविक और रासायनिक) का उपयोग हराम (अर्थात निषिद्ध) है'.

IAEA में भारत का ईरान के खिलाफ वोट पर भी बोले थे लारिजानी

जब शेखर गुप्ता ने उनसे पूछा कि क्या परमाणु मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) में ईरान के खिलाफ भारत का वोट देना एक 'झटका' था, तो लारिजानी ने इसे परिपक्वता से स्वीकार किया. उन्होंने कहा, "यह एक बड़ा मतभेद था, लेकिन बुनियादी रिश्तों पर इसका असर नहीं पड़ा. हम चाहते थे कि भारत अधिक सक्रिय भूमिका निभाए क्योंकि भारत एक बड़ी आर्थिक शक्ति है और सांस्कृतिक रूप से हमारे बहुत करीब है."

भारत-ईरान संबंध पर लारिजानी ने दिया था बयान

लारिजानी ने कहा था कि भारत और ईरान के बीच संबंध केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक हैं. उन्होंने याद दिलाया कि लगभग दो शताब्दियों तक भारत की दरबारी भाषा फारसी थी. ईरान और भारत एक-दूसरे के लिए पूरक भूमिका निभाते हैं. जब हम साथ होते हैं, तो एक पूर्ण तस्वीर बनती है. हमारे बीच छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं, जैसे एक परिवार में होते हैं, लेकिन रणनीतिक स्तर पर हमारी सोच एक है."

2013 के वॉक द टॉक इंटरव्यू के अंश

देशों को परमाणु तकनीक पर पहुंच मिलनी चाहिएः लारिजानी

लारिजानी ने NDTV से कहा था, "ईरान परमाणु तकनीक का ज्ञान हासिल करना चाहता है. हम बिजली संयंत्रों के लिए ईंधन चाहते हैं. आप जानते हैं कि भविष्य में ईंधन एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनने वाला है." लारिजानी इस इंटरव्यू में यह भी कहते दिख रहे कि देशों को इस तकनीक तक पहुंच मिलनी चाहिए. लेकिन साथ ही, उन्हें परमाणु बम विकसित न करने की पर्याप्त समझ भी होनी चाहिए. यह हमने साबित कर दिया है.

NDTV से बात करते हुए लारिजानी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नियमों का भी जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि IAEA के नियमों के अनुसार सदस्य देशों को परमाणु तकनीक की जानकारी तक पहुंच प्राप्त हो सकती है और वे शांतिपूर्ण कार्यक्रम चला सकते हैं. लेकिन वे (अमेरिका) ऐसा क्यों कहते हैं कि ईरान को शांतिपूर्ण कार्यक्रम नहीं चलाना चाहिए? किस अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर?

'ऊर्जा संसाधनों पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं'

एनडीटीवी को दिए इस इंटरव्यू में लारिजानी ने यह भी कहा था,  "मुझे लगता है कि वे ऊर्जा संसाधनों पर अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए इस क्षेत्र के देशों का वर्गीकरण कर रहे हैं. इसीलिए अलग-अलग वर्गीकरण किए गए हैं. वे एकाधिकार चाहते हैं. वे विश्व के ऊर्जा स्रोतों पर अपना दबदबा कायम करना चाहते हैं. हो सकता है कि भविष्य में उनकी एक योजना पूर्वी क्षेत्र की प्रमुख शक्तियों के ऊर्जा स्रोतों पर नियंत्रण करके उनकी प्रगति को रोकना हो."

यह भी पढ़ें - ईरान के लिए जंग में सुप्रीम लीडर की मौत से भी बड़ा झटका है सिक्योरिटी चीफ का मरना! समझिए ऐसा क्यों?

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Iran-Israel War, Ali Larijani, Ali Larijani Iran, Ali Larijani Ndtv Interview, Ali Larijani Ndtv Walk The Talk Interview
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com