- इंदौर में दूषित पानी से डायरिया फैलने से 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 212 लोग अस्पताल में भर्ती हैं.
- कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से गलत शब्द उपयोग के लिए सोशल मीडिया पर माफी मांगी है और खेद जताया है.
- विजयवर्गीय के आपत्तिजनक शब्दों के कारण सोशल मीडिया पर आलोचना बढ़ी और कांग्रेस ने इस्तीफे की मांग की है.
इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर बयान पर विवाद बढ़ने के बाद मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने माफी मांगी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि मीडिया के सवाल पर उनके शब्द गलत निकल गए, जिसके लिए वह खेद प्रकट करते हैं.
मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूँ।
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) December 31, 2025
लेकिन जब…
विजयवर्गीय ने लिखा, 'मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है. दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए. इस गहरे दुख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए. इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं. लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूंगा.'
क्या है दूषित पानी का मामला?
दरअसल, देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से डायरिया फैलने के बाद अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 212 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं. इनमें से 50 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है. भागीरथपुरा क्षेत्र विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र इंदौर-1 में आता है.
यह भी पढ़ें- 'फोकट प्रश्न मत पूछो', इंदौर में गंदे पानी से 10 की मौत, NDTV के सवाल पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय, बाद में मांगी माफी
सवाल पर भड़के थे मंत्री
बुधवार को NDTV से बातचीत के दौरान विजयवर्गीय से जब निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों के बिल भुगतान और प्रभावित इलाके में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर सवाल किया गया, तो वह अचानक बिफर गए. उन्होंने कैमरों के सामने कहा, 'फोकट प्रश्न मत पूछो,' जिसके बाद बहस बढ़ गई और मंत्री ने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया.
देश के सबसे साफ शहर में गंदा पानी पीने से 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जिस शख्स पर लोगों को साफ पानी पिलाने का जिम्मा है वो सवालों को फोकट बता रहे हैं हमारे सवालों को "घंटे" में उड़ा रहे हैं @manishdekoder @GargiRawat @Abhinav_Pan @sanket pic.twitter.com/5iIF2AiFZ7
— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) December 31, 2025
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मंत्री की कड़ी आलोचना होने लगी.
कांग्रेस का हमला, इस्तीफे की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि जहरीला पानी पीने से मौतों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन भाजपा नेताओं का रवैया नहीं बदला. उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से विजयवर्गीय का नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने की मांग की.
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