- इंडियन एयरफोर्स फरवरी 2026 में राजस्थान के पोखरण इलाके में सबसे बड़ा वायुशक्ति प्रदर्शन आयोजित करेगी
- वायुशक्ति‑2026 अभ्यास तीन चरणों में होगा और इसमें दिन-रात दोनों समय हवाई मिशन शामिल होंगे
- अभ्यास में राफेल, सुखोई‑30 एमकेआई, तेजस सहित कई फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स अपनी युद्ध क्षमता दिखाएंगे
इंडियन एयरफोर्स अपनी युद्धक क्षमताओं और मारक शक्ति को परखने के लिए राजस्थान के रेतीले इलाके में साल 2026 का सबसे बड़ा हवाई शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है. इस दौरान न केवल एयरफोर्स के जांबाज पायलट अपना कौशल दिखाएंगे, बल्कि दुनिया के सामने भारत की बढ़ती फायर पावर और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का भी प्रदर्शन होगा. एयरफोर्स फरवरी 2026 में अपनी सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित फायर पावर एक्सरसाइज ‘वायुशक्ति‑2026' का आयोजन करेगी. इंडियन एयरफोर्स का युद्धाभ्यास पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के पोखरण इलाके में होगा. इसके लिए NOTAM जारी कर दिया है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हवाई गतिविधियां होने वाली हैं.
इस अभ्यास का क्या मकसद
इस अभ्यास के जरिए इंडियन एयरफोर्स अपनी युद्धक तैयारियों, आधुनिक हथियार प्रणालियों और ऑपरेशनल क्षमता का व्यापक प्रदर्शन करेगी. वायुशक्ति एक्सरसाइज का आयोजन हर कुछ वर्षों में किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य एयरफोर्स की फायर पावर, सटीक हमला करने की क्षमता और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के बीच तालमेल को परखना होता है. अबकी बार की वायुशक्ति इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद आयोजित हो रही है और इसका दायरा पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यापक होगा. NOTAM के अनुसार, यह अभ्यास तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा.
- पहला चरण 9 फरवरी से 14 फरवरी 2026 तक चलेगा
- दूसरा चरण 16 फरवरी से 19 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा
- तीसरा और अंतिम चरण 20 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा
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किस चरण में क्या कुछ होगा
पहले दो चरणों में ग्राउंड लेवल से लेकर 30,000 फीट तक हवाई गतिविधियां होंगी. अंतिम चरण में ऊंचाई की सभी सीमाएं हटा दी जाएंगी, जिससे वायुसेना फुल‑स्केल कॉम्बैट सिमुलेशन और लॉन्ग‑रेंज स्ट्राइक का अभ्यास कर सकेगी. इस अभ्यास में दिन और रात, दोनों समय मिशनों को अंजाम दिया जाएगा. इसमें लाइव फायरिंग, एयर‑टू‑ग्राउंड स्ट्राइक, एयर‑टू‑एयर मिशन, एयर डिफेंस ऑपरेशन और जॉइंट ऑपरेशन्स शामिल होंगे. रात के समय होने वाले ऑपरेशन विशेष रूप से अहम हैं, क्योंकि आधुनिक युद्ध में अंधेरे में सटीक हमला करने की क्षमता निर्णायक भूमिका निभाती है.
फाइटर जेट्स गरजेंगे
‘वायुशक्ति‑2026' में इंडियन एयरफोर्स के लगभग सभी फ्रंटलाइन एयरक्राफ्ट शामिल होने की उम्मीद है. राफेल फाइटर जेट अपनी लॉन्ग‑रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. सुखोई‑30 एमकेआई एयर सुपीरियॉरिटी और भारी हमलों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि स्वदेशी तेजस फाइटर जेट आत्मनिर्भर भारत की ताकत को दर्शाएंगे. इसके अलावा मिराज‑2000, मिग‑29 और जैगुआर जैसे विमान भी अपने हथियारों के साथ अभ्यास में हिस्सा लेंगे. हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी इस अभ्यास का अहम हिस्सा होंगे. अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, चिनूक हेवी‑लिफ्ट हेलिकॉप्टर और सी‑130जे जैसे विमान सपोर्ट और लॉजिस्टिक मिशनों में तैनात रहेंगे.
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भारतीय आकाश की सुरक्षा अभेद
‘वायुशक्ति‑2026' के जरिए एयरफोर्स वेस्टर्न फ्रंट पर अपनी रैपिड रिस्पॉन्स, डीप‑स्ट्राइक और प्रिसिजन अटैक क्षमताओं को परखेगी. इसके साथ ही एयर डिफेंस सिस्टम, रडार नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं का भी गहन अभ्यास किया जाएगा. कुल मिलाकर, ‘वायुशक्ति‑2026' केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि भारत की रक्षा तैयारियों का शक्ति‑पुंज है. यह अभ्यास साफ संदेश देता है कि भारतीय आकाश की सुरक्षा पूरी तरह अभेद्य है और किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए भारतीय वायुसेना हर पल पूरी तरह मुस्तैद है.
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