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This Article is From Mar 09, 2022

रूस-यूक्रेन युद्ध से प्रभावित इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन, संकट लंबा चला तो भारत वैकल्पिक पेमेंट सिस्टम पर करेगा विचार

रूस-यूक्रेन संघर्ष लंबे समय तक जारी रहा तो भारत निर्यातकों (Exporters) के लिए वैकल्पिक पेमेंट सिस्टम  (Alternative Pay System) मुहैया कराने पर विचार कर सकता है.  

रूस-यूक्रेन युद्ध से प्रभावित इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन, संकट लंबा चला तो भारत वैकल्पिक पेमेंट सिस्टम पर करेगा विचार
 भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात में करीब 50 प्रतिशत हिस्सा हीरे का ही है.
नई दिल्ली:

रूस-यूक्रेन संघर्ष लंबे समय तक जारी रहा तो भारत निर्यातकों (Exporters) के लिए वैकल्पिक पेमेंट सिस्टम  (Alternative Pay System) मुहैया कराने पर विचार कर सकता है.  गौरतलब है, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण रत्न और आभूषण जैसे प्रमुख व्यापार क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय कैश ट्रांसफर में समस्या का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में भारत  इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन के लिए इस सिस्टम को लागू कर सकता है. अधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन संकट शुरू होने के बाद प्रमुख पश्चिमी देशों की तरफ से रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने के चलते सरकार इस संभावना पर विचार कर सकती है.

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पश्चिमी देशों ने रूस को अंतर-बैंकिंग प्रणाली 'स्विफ्ट' (Inter-Banking System 'SWIFT') से भी बाहर कर दिया है. इस कदम से रूस को वैश्विक व्यापार से अलग-थलग करने का इरादा है. एक सूत्र ने कहा, ''भारत यूक्रेन संकट की पृष्ठभूमि में अपने विदेश व्यापार के समक्ष मौजूदा परिस्थितियों पर करीबी निगाह रखे हुए है. अगर प्रतिकूल हालात लंबे समय तक बने रहते हैं और रत्न एवं आभूषण जैसे प्रमुख व्यापार क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय नकदी अंतरण में समस्या पेश आती है तो फिर भारत उन्हें वैकल्पिक भुगतान प्रणाली देने पर भी विचार कर सकता है.''

रत्न एवं आभूषण के निर्यातकों को रूस के अलरोसा से समर्थन के आश्वासन मिले हैं. वैश्विक हीरा उत्पादन में करीब 30 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली अलरोसा अपने 10 प्रतिशत हीरे भारत को बेचती है. भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात में करीब 50 प्रतिशत हिस्सा हीरे का ही है. हालांकि, अभी तक रूस से अपरिष्कृत हीरे की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है लेकिन रत्न एवं आभूषण उद्योग रूस को स्विफ्ट भुगतान प्रणाली से बाहर किए जाने को लेकर फिक्रमंद है. इस संबंध में सरकार भी निर्यातकों एवं हीरा आयातकों के संपर्क में बनी हुई है.

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भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने सरकार को सुझाव दिया है कि भारत और रूस के बीच रुपये एवं रूबल में कारोबार की वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था लागू की जाए. फियो के महासचिव अजय सहाय ने कहा कि संगठन ने सरकार को इस वैकल्पिक व्यवस्था का सुझाव दिया है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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