- CBI ने CREST चंडीगढ़ मामले में 75.34 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़ी पहली चार्जशीट दाखिल की है.
- मामले में IDFC फर्स्ट बैंक के 5 और CREST के 2 कर्मचारी, दो शेल कंपनियां और चार अन्य व्यक्ति आरोपी हैं.
- आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सरकारी धन की कथित हेराफेरी से जुड़े CREST (Chandigarh Renewable Energy Science & Technical Promotion Society), चंडीगढ़ UT मामले में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है. CBI ने यह चार्जशीट चंडीगढ़ की विशेष CBI अदालत में पेश की है. इस मामले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों, CREST के सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों पर मिलकर सरकारी फंड को गलत तरीके से निकालने और इस्तेमाल करने का आरोप है.
CBI के मुताबिक, यह मामला 75.34 करोड़ रुपये के सरकारी फंड की कथित गड़बड़ी से जुड़ा है. जांच में सामने आया है कि CREST के बैंक खातों से बड़ी रकम को कथित तौर पर बैंक अधिकारियों और CREST के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से निकाला गया.
कुल 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
इसके बाद इस राशि को निजी व्यक्तियों और संस्थाओं तक पहुंचाया गया, जिससे कई लोगों को अवैध आर्थिक लाभ मिला. जांच एजेंसी ने इस मामले में कुल 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पांच अधिकारी, CREST चंडीगढ़ UT प्रशासन के दो अधिकारी, दो शेल कंपनियां और चार अन्य व्यक्ति शामिल हैं. CBI के अनुसार सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.
आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी सहित ये हैं आरोप
CBI ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी, सबूत नष्ट करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत आरोप लगाए हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि सरकारी खाते से पैसे निकालने और ट्रांसफर करने की पूरी प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया.
CBI की जांच में यह भी आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए CREST के खातों से फंड ट्रांसफर करने में मदद की. वहीं CREST के कुछ कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया. इसके बाद निजी लोगों के जरिए रकम को अलग-अलग जगह भेजा गया.
हरियाणा मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ दो चार्जशीट
गौरतलब है कि CBI ने भ्रष्टाचार और सरकारी धन की हेराफेरी से जुड़े ऐसे तीन मामलों की जांच अपने हाथ में ली है. इनमें हरियाणा सरकार के आठ विभागों से जुड़े मामले को राज्य विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो से CBI को सौंपा गया था, जबकि दो मामले चंडीगढ़ UT के आर्थिक अपराध शाखा से लिए गए थे, जिनमें चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और CREST चंडीगढ़ से जुड़े मामले शामिल हैं.
CBI पहले ही हरियाणा वाले मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ दो चार्जशीट और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.
अब CREST मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की गई है. CBI ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे की जांच के आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल की जा सकती है. एजेंसी का कहना है कि सरकारी धन की हेराफेरी और भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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