दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली रैली को सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है. कांग्रेस का कहना है कि ये केवल हमारी रैली नहीं है बल्कि इसे इंडिया गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जाना चाहिए. इसी मुद्दे पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने NDTV से बातचीत में कहा कि हमारा टारगेट 10 लाख लोगों का है. इस रैली को सफल बनाने की जिम्मेदारी इंडिया गठबंधन के सभी दलों की है और इसमें सभी दल लगे हुए हैं जिसमें कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी और सभी वामपंथी दलों को बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.
उन्होंने कहा, "इस रैली में कांग्रेस ने सभी सांसदों,सभी प्रदेशों के विधायकों जिसमें विधान परिषद के सदस्य भी हैं के साथ ही सभी राज्यों के प्रदेश अधिकारियों को शामिल होने के लिए निर्देश दिए हैं."
रामलीला मैदान के आसपास बिजनेस पर असर पड़ने को लेकर क्या बोले?
जहां तक रामलीला मैदान के आसपास खासकर चांदनी चौक के व्यापारियों के बिजनेस पर असर पड़ने की बात और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की चांदनी चौक में पदयात्रा पर नासिर हुसैन से NDTV ने जवाब जानना चाहा तो उनका कहना है कि 'रामलीला की इस रैली से केवल चांदनी चौक या आसपास के बाजारों को ही नहीं, हम तो पूरी दिल्ली के बाजारों को बिजनेस देने जा रहे हैं. ये लाखों लोग जहां ठहरेंगे, जहां खाना खाएंगे, जहां घूमने जाएंगे उससे किसको फायदा होगा. यही नहीं इन्हीं लाखों लोगों में से बहुत सारे लोग दिवाली की खरीददारी भी करेंगे. वो खाली हाथ थोड़े ही जाएंगे, कोई दिल्ली आता है तो लौटते वक्त कुछ ना कुछ सौगात जरूर खरीदता है. इतनी बड़ी संख्या में बैनर,झंडे,पोस्टर,लोगों के आवाजाही के लिए गाड़ियां क्या इससे व्यापार नहीं बढ़ेगा. इस रैली से व्यापारियों को फायदा ही पहुंचेगा.'
बीजेपी बड़े नेताओं को मैदान में उतारेगी
कांग्रेस की रणनीति एकदम साफ है क्योंकि अब वो जान चुकी है कि बीजेपी भी अपनी रणनीति के साथ उन्हें जवाब देने के लिए तैयार है और इसकी शुरुआत चांदनी चौक में पदयात्रा करके खुद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कर दी है. यही नहीं बीजेपी आने वाले दिनों में अपने सभी बड़े नेताओं को भी मैदान में उतारने वाली है.
यही वजह है कि अब कांग्रेस भी एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है. कांग्रेस की एक नजर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे इस मामले पर भी है और वह फिलहाल सड़क की राजनीति करना चाहती है.
लोगों के मन में कांग्रेस क्या डालना चाहती है?
कांग्रेस को लगता है कि वोट का अधिकार संविधान में डॉ अंबेडकर ने उस वक्त दिया था दुनिया के विकासशील देशों में भी सभी को यह अधिकार नहीं था. भारत में अमीर -गरीब, जात-पात, महिला-पुरुष, विभिन्न धर्मों को दरकिनार करके सबको मतदान का अधिकार दिया गया.
कांग्रेस लोगों के मन में यह बैठाना चाहती है कि एसआईआर के बहाने सरकार आपसे यह अधिकार छीनना चाहती है और ये यहीं तक नहीं रूकेगा इसके बाद बात आपकी नागरिकता तक आ जाएगी.
कांग्रेस शुक्रवार को मॉक संसद का भी आयोजन करने जा रही है यानि उसका मतलब साफ है कि वो लोगों के दिमाग में इस मुद्दे को जिंदा रखना चाहती है. कांग्रेस को लगता है कि बार बार बोल कर इस मुद्दे को लोगों के जेहन में घर करा दिया जाए और इसी चीज ने बीजेपी को मजबूर किया है कि अब वो भी सड़कों पर आ रहे हैं. लेकिन सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि 1 नवंबर की रामलीला मैदान में होने वाली रैली कितनी सफल हो पाती है क्योंकि कांग्रेस बार बार पुलिस द्वारा अड़चन लगाने की बात कर रही है.
दिल्ली में 1 नवंबर से प्रदूषण की वजह से ग्रैप 1 लागू हो जाएगा जिसकी वजह से बाहर की गाड़ियों का दिल्ली सीमा में प्रवेश पर पाबंदी लग जाएगी केवल बीएस 6 की गाड़ियों को आने की अनुमति होगी ऐसे में भीड़ इकट्ठा करना कोई मजाक नहीं होगा.इसलिए सबकी निगाहें 1 नवंबर को रामलीला मैदान पर रहेगी.
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