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चीन की सीमा के पास गरजा 'गजराज'! 13,629 फीट की ऊंचाई पर IAF ने रच दिया इतिहास

भारतीय वायु सेना के भारी परिवहन विमान IL-76MD "गजराज" ने लद्दाख के न्योमा एयरबेस पर 13,629 फीट की ऊंचाई पर सफल लैंडिंग कर इतिहास रच दिया है. यह दुनिया में इस विमान की अब तक की सबसे ऊंची लैंडिंग मानी जा रही है.

IAF ने रच दिया इतिहास
Indian Air Force
  • भारतीय वायु सेना के IL-76MD विमान ने लद्दाख के न्योमा एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड पर सबसे ऊंची लैंडिंग की है.
  • न्योमा एयरबेस नवंबर 2025 में परिचालन के लिए तैयार किया गया और यह लद्दाख में चौथा वायु सेना एयरबेस है.
  • रक्षा मंत्रालय एलएसी के आसपास एयरफील्ड्स के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है.
नई दिल्ली:

भारतीय वायु सेना के एक IL-76MD विमान ने लद्दाख के न्योमा एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड पर सफलतापूर्वक उतरकर इतिहास रच दिया है. 13,629 फीट की ऊंचाई पर की गई यह लैंडिंग दुनिया भर में इस श्रेणी के विमान की अब तक की सबसे ऊंची लैंडिंग मानी जा रही है. यह उपलब्धि दिखाती है कि IL-76MD विमान मुश्किल परिस्थितियों में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर सकता है. साथ ही, भारतीय वायु सेना के पायलटों और चालक दल ने अपनी शानदार ट्रेनिंग, सटीकता और अनुभव का परिचय दिया है.

न्योमा एयरबेस को नवंबर 2025 में परिचालन के लिए तैयार किया गया था. रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण यह एयरबेस लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और परिवहन विमानों के संचालन में सक्षम है. लद्दाख में यह वायु सेना का चौथा एयरबेस है, जबकि अन्य 3 एयरबेस लेह, कारगिल और थोइस में स्थित हैं. कारगिल एयरस्ट्रिप लगभग 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है.

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रक्षा मंत्रालय एलएसी के आसपास स्थित एयरफील्ड्स और एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड्स के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रहा है. इसी कड़ी में लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी (DBO) एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के बुनियादी ढांचे को भी उन्नत किया जा रहा है. 16,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित DBO ALG दुनिया का सबसे ऊंचा एयरफील्ड माना जाता है और यह भी एलएसी के बेहद करीब स्थित है.

IL-76MD... 'गजराज' क्या है?

IL-76MD भारतीय वायु सेना का एक भारी-भरकम सैन्य परिवहन विमान है, जिसे वायु सेना में 'गजराज' के नाम से जाना जाता है. इसका निर्माण रूस की इल्यूशिन  कंपनी ने किया है. गजराज का उपयोग सैनिकों, टैंकों, सैन्य उपकरणों, राहत सामग्री और विशेष अभियानों के लिए किया जाता है. यह करीब 40 टन वजन उठा सकता है.

IL-76MD "गजराज" भारतीय वायु सेना का एक भारी परिवहन विमान है, जिसे सैनिकों, टैंकों, तोपों, वाहनों और अन्य सैन्य उपकरणों को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह विमान लगभग 40 से 50 टन तक भार ले जा सकता है, करीब 4,000 से 5,000 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है और इसकी अधिकतम गति लगभग 850 किलोमीटर प्रति घंटा है. आमतौर पर इसमें 5 से 7 सदस्यीय क्रू होता है. गजराज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों में भी प्रभावी ढंग से ऑपरेशन कर सकता है. कारगिल युद्ध, सैन्य तैनाती और आपदा राहत अभियानों में इसकी अहम भूमिका रही है.

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