हिमाचल कांग्रेस संकट: विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक प्रोफाइल से हटाया 'पीडब्ल्यूडी मंत्री'

विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को अपने इस्तीफे की पेशकश करते हुए कहा था कि पिछला विधानसभा चुनाव वीरभद्र सिंह के नाम पर लड़ा गया था और अब तक सरकार ने शिमला में उनके पिता की प्रतिमा नहीं लगाई है.

हिमाचल कांग्रेस संकट: विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक प्रोफाइल से हटाया 'पीडब्ल्यूडी मंत्री'

विक्रमादित्य सिंह की मां और हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह मोदी की तारीफ के बयान दे रही

नई दिल्‍ली :

हिमाचल प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार रात में अपने फेसबुक से पीडब्ल्यूडी मंत्री हटाकर अब हिमाचल प्रदेश का सेवक लिख दिया है. हिमाचल प्रदेश सरकार ने डैमेज कंट्रोल के लिए रामपुर विधानसभा के विधायक नन्दलाल को हिमाचल प्रदेश फाइनेस कमीशन का चेयरमैन बनाया है. उधर, विक्रमादित्य सिंह की मां और हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह मोदी की तारीफ के बयान दे रही हैं. आज 11 बजे में हिमाचल कैबिनेट की बैठक है.

हिमाचल प्रदेश सरकार पर मंडरा रहे संकट के बीच 28 फरवरी को लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सुखविंदर सिंह सुक्खू मंत्रिमंडल से अपने इस्तीफे की घोषणा की थी. हालांकि, बाद में उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा वापस ले लिया था. लेकिन अभी तक सुक्‍खू सरकार से संकट के बादल हटे नहीं हैं.  

इस बीच कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई की प्रमुख प्रतिभा सिंह ने शुक्रवार को कहा कि यदि विधायकों की शिकायतों पर समय पर ध्यान दिया गया होता तो राजनीतिक संकट को टाला जा सकता था. प्रतिभा सिंह का यह बयान कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षकों के इस दावे के एक दिन बाद आया कि हिमाचल प्रदेश में सरकार को कोई खतरा नहीं है.

कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक डी के शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा था कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्यसभा चुनाव में अभिषेक मनु सिंघवी की हार की जिम्मेदारी ली है. प्रतिभा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू के प्रति नाराजगी है, क्योंकि राज्य में जिन नेताओं ने कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की, उन्हें पार्टी के सत्ता में आने के 14 महीने बाद भी ‘समायोजित' नहीं किया गया.

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा की स्थापना का जिक्र करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि न केवल उनके बेटे, बल्कि हिमाचल प्रदेश के लोग भी ऐसा चाहते थे. उन्होंने कहा, "हम प्रतिमा स्थापित करने के लिए केवल उपयुक्त जगह की मांग कर रहे थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ." विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को अपने इस्तीफे की पेशकश करते हुए कहा था कि पिछला विधानसभा चुनाव वीरभद्र सिंह के नाम पर लड़ा गया था और अब तक सरकार ने शिमला में उनके पिता की प्रतिमा नहीं लगाई है.

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