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This Article is From Oct 23, 2025

हलाल उत्पाद न खरीदें लोग, सीएम योगी ने दिया झटके से जलने वाली माचिस का उदाहरण

CM Yogi on Halal Products: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हलाल उत्पाद न खरीदने की अपील के साथ राजनीतिक इस्लाम को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस पर बिफर पड़े हैं.

हलाल उत्पाद न खरीदें लोग, सीएम योगी ने दिया झटके से जलने वाली माचिस का उदाहरण
Halal Products
लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से हलाल सर्टिफिकेशन वाले उत्पाद नहीं खरीदने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में के एक कार्यक्रम में जनता से गुजारिश की थी कि वे 'हलाल' उत्पाद ना खरीदें, क्योंकि इस सर्टिफिकेशन से मिलने वाला धन आतंकवाद, धर्मांतरण और 'लव जिहाद' की गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि बलरामपुर में धर्मांतरण में शामिल छांगुर विदेशी फंडिंग के साथ हलाल सर्टिफिकेशन के नाम पर मिले पैसे का इस्तेमाल गलत कामों में कर रहा था.

सीएम योगी ने कहा कि देश में ब्रिटिश और फ्रांस के उपनिवेशवाद की तो काफी चर्चा होती है, लेकिन राजनीतिक इस्लाम की चर्चा नहीं होती है. जबकि इसने सनातन आस्था पर सबसे बड़ी चोट पहुंचाई. छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा सांगा, गुरु गोविंद सिंह और महाराणा प्रताप ने राजनीतिक इस्लाम के विरोध में लड़ाई लड़ी थी, लेकिन इस पर कोई बहस नहीं होती.

सीएम योगी ने कहा कि देश में आज भी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर जैसे लोग राजनीतिक इस्लाम विचारधारा को बढ़ाने का काम कर रहे हैं. ऐसे लोगों पर कार्रवाई के साथ भाजपा सरकार ने हलाल सर्टिफिकेशन प्रोडक्ट के प्रदेश में बिक्री पर रोक लगाई है. बलरामपुर से लेकर आगरा तक फैले छांगुर के संगठित गिरोह पर एक्शन लिया गया है. छांगुर को हलाल सर्टिफिकेशन के नाम पर धोखाधड़ी में संलिप्त पाया गया है. छांगुर के पास फंडिंग दूसरे देश से नहीं, बल्कि अपने ही देश के भीतर हो रही थी. यह पैसा हलाल सर्टिफिकेशन के नाम का पैसा है. मुख्यमंत्री ने लोगों को सलाह दी कि आप जब भी कोई सामान खरीदते हैं तो देखें कि उसमें हलाल सर्टिफिकेशन तो नहीं लिखा है.

उन्होंने हैरत जताई कि साबुन, कपड़े और और माचिस का भी हलाल सर्टिफिकेशन हो रहा था. ये बड़ी साजिश थी, क्योंकि माचिस तो हलाल नहीं बल्कि झटके वाली होती है, माचित तो झटके से ही जलेगी. यूपी सरकार ने जब जांच की तो पता चला कि 25 हजार करोड़ रुपये के उत्पाद देश के अंदर हलाल सर्टिफिकेट से जुड़े होते हैं. जबकि केंद्र या राज्य सरकार इसे मान्यता नहीं देती है. लिहाजा हलाल सर्टिफिकेशन वाले उत्पाद न खरीदें और सिर्फ वही सामान खरीदें जिन पर उचित जीएसटी दिया गया हो.

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