- दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार के चलते वायु गुणवत्ता आयोग ने ग्रैप-3 के तहत प्रतिबंध हटा दिए हैं.
- दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 380 से घटकर 236 हो गया है, जो प्रदूषण में कमी का संकेत देता है.
- ग्रैप-3 के तहत सभी कड़े प्रतिबंध रद्द कर दिए गए हैं, लेकिन ग्रैप-1 और ग्रैप-2 के नियम लागू रहेंगे.
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में आई गिरावट और अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने तत्काल प्रभाव से GRAP-3 के प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया है. 2 जनवरी 2026 को दिल्ली का AQI सुधरकर 236 दर्ज किया गया, जिसके बाद गंभीर श्रेणी के तहत लागू निर्माण कार्यों पर लगी पाबंदियों को रद्द कर दिया गया है. हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन साइटों को नियमों के उल्लंघन के कारण विशिष्ट रूप से बंद करने का आदेश दिया गया था, वे बिना अनुमति के काम शुरू नहीं हो पाएगा
भले ही स्टेज-III को हटा लिया गया है, लेकिन सर्दियों के मौसम और हवा की स्थिति को देखते हुए GRAP के चरण-I और II के तहत लागू उपाय और पाबंदियां जारी रहेंगी. आयोग ने सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने और संशोधित शेड्यूल के अनुसार सख्त निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रदूषण का स्तर दोबारा 'गंभीर' श्रेणी में न पहुंचे.
GRAP-2 Order by
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ग्रैप क्या होता है?
एयर पॉल्यूशन के बढ़ने के बाद Graded Response Action Plan (GRAP) लागू की जाती है. ग्रैप का पहला चरण AQI 201 से 300 तक रहता है. दूसरा चरण AQI 301 से 400 तक रहता है. फिर तीसरा चरण AQI 401 से 450 तक रहता है. अगर AQI 450 से ज्यादा हो गया तो ग्रैप-4 लागू हो जाता है.हालांकि इसके अलावा इसे लागू सरकार की तरफ से ही लागू की जाती है. जब तक सरकारी आदेश लागू नहीं होते हैं तब तक इसे लागू नहीं किया जाता है. इसके तहत कई तरह के प्रतिबंध होते हैं.
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