- केंद्र सरकार ने META के हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी जोएल कपलान को तलब किया है
- सरकार को शिकायतें मिली हैं कि कुछ सरकार विरोधी पोस्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है
- एल्गोरिदम के नियमन को लेकर सवाल पूछे जा सकते हैं.
केंद्र सरकार ने META के हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी जोएल कपलान को तलब किया है. उन्हें 5 अगस्त यानी कल तलब किया गया है. इसके अलावा इंस्टाग्राम के तकनीकी अफसरों को भी तलब किया गया है. सरकार सोशल मीडिया कंपनी के एल्गोरिदम को लेकर जानकारी चाहती है. यानी सरकार जानना चाहती है कि ये कंपनियां किस तरह के कंटेट को बढ़ावा देते हैं.
सूत्रों के मुताबिक, सरकार को कई शिकायतें मिली हैं कि कुछ सरकार विरोधी पोस्ट को ज्यादा तूल दी गई. सरकार तकनीकी गड़बड़ी को लेकर बड़ी टेक कंपनियों से लिखित जवाब चाहती है. इसके अलावा सरकार मेटा से PM का पोस्ट हटाने पर लिखित माफी मांग सकती है.
एल्गोरिदम को लेकर क्या हैं चिंताएं?
बीते दिन इलेक्ट्रोनिक और आईटी मामलों की संसदीय सीमिति के चेयरमैन निशिकांत दुबे ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के नियमन को लेकर हुई बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के एल्गोरिदम को लेकर सवाल खड़े किए थे.
संसदीय सीमिति के चेयरमैन निशिकांत दुबे ने कहा, "एल्गोरिदम को लेकर जो मेटा, एक्स और यूट्यूब ने हालात पैदा किए हैं. वो देश के जानने लायक है. बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी की सोशल मीडिया व्यूअरशिप 24 बिलियन है. लेकिन अभी-अभी जो न कोई रजिस्टर्ड पार्टी और न ही कोई एनजीओ उसका व्यूअरशिप 27 बिलियन है. अभी एंटी रिजर्वशन का एक फोरम बना है उसकी व्यूअरशिप 7 बिलियन है."
पीएम मोदी के वीडियो हटाने पर लिखित माफी की मांग
बीते दिन संसदीय सीमिति की बैठक में मेटा के अफसरों ने माफी मांगी थी. लेकिन उनसे सवाल पूछा गया था कि वे बताएं कि ऐसी नौबत क्यों आई. इसके साथ ही कहा गया था कि मेटा का ग्लोबल चीफ इस गलती के लिए माफी मांगे.
अब केंद्र सरकार ने भी लिखित माफी की मांग की है और मेटा के हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी जोएल कपलान को तलब किया है.
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