विज्ञापन
This Article is From Jun 08, 2021

नई वैक्सीन नीति के लिए सरकार को 50 हजार करोड़ रुपये की ज़रूरत : वित्त मंत्रालय के सूत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 18 से 44 साल के लोगों को मुफ्त वैक्सीन देने की घोषणा के बाद अब केंद्र, राज्यों द्वारा खरीदी गई वैक्सीन को वापस ले रही है.

नई वैक्सीन नीति के लिए सरकार को 50 हजार करोड़ रुपये की ज़रूरत : वित्त मंत्रालय के सूत्र
दूसरे देशों की वैक्सीन के बजाय अपनी वैक्सीनों पर ज्यादा निर्भर रहेगी सरकार: वित्त मंत्रालय सूत्र (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 18 से 44 साल के लोगों को मुफ्त वैक्सीन देने की घोषणा के बाद अब केंद्र, राज्यों द्वारा खरीदी गई वैक्सीन को वापस ले रही है. वित्त मंत्रालय के अनुसार इस योजना के लिए 50 हजार करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी और सरकार के लिए इसके लिए फंड है. वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार फिलहाल हमें तुरंत सप्लीमेंट्री अनुदान की जरूरत नहीं है, अभी हमारे पास इसके लिए पर्याप्त फंड है लेकिन हमें शीतकालीन सत्र के करीब दूसरे दौर में जाना पड़ सकता है. सूत्रों ने यह भी संकेत दिया है कि सरकार अब वैक्सीन की जरुरतों को पूरा करने के लिए विदेशों से आ रहे टीकों का इंतजार नहीं करेगा.   

प्रधानमंत्री जी, राज्यों की नहीं, अपनी बात कीजिए

सूत्रों के अनुसार भारत द्वारा वैक्सीन खरीदने का कार्यक्रम भारत बायोटेक, सीरम इंस्टीट्यूट और नई कंपनी बायो-ई के आस-पास ही केंद्रित रहेगा. सरकार इन कंपनियों के टीकों की सप्लाई से पूरी आबादी को वैक्सीन लगाने की तैयारी में है. जानकारी के मुताबिक फाइजर और मॉडर्ना के साथ भारत की बातचीत कथित तौर पर उनकी एक मांग के कारण अटकी हुई है, जिसके अनुसार वह चाहते हैं कि टीके से संबंधित सभी विवाद अमेरिका की कोर्ट में उठाए जाएं. 

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार फिलहाल मॉडर्ना के अगले साल जनवरी तक भारत में आने की योजना नहीं हैं. जबकि भारत बायोटेक की को-वैक्सीन, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविडशील्ड और रूस की स्पुतनिक-वी वैक्सीन को देश में इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है. अधिकारियों का कहना है कि स्पुतनिक भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हो पाएगी. इसलिए इसकी अभी तक खरीद भी शुरू नहीं की गई है. 

'देर आए दुरुस्त आए': सबको मुफ्त वैक्सीन के पीएम मोदी के ऐलान को हर किसी ने सराहा

सरकार ने पिछले हफ्ते हैदराबाद स्थित टीका निर्माता कंपनी बायोलॉजिकल-ई के साथ कोविड-19 रोधी टीके की 30 करोड़ खुराकें बनाने समझौते को अंतिम रूप दिया है.  इसके लिए मंत्रालय 1,500 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान कर रहा है. 

वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने की भी तैयारी कर रहा है, सूत्रों के अनुसार इस पर अंतिम फैसला एक जुलाई तक लिए जाने की संभावना है लेकिन उनको इस बार एरियर के साथ महंगाई भत्ता नहीं मिलेगा. अधिकारियों के अनुसार ऐसे कठिन समय में फ्री वैक्सीन और डीए दोनों चीजें नहीं दे सकते हैं. हमने तय करना होगा कि हमारे लिए क्या ज्यादा जरूरी है. 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
New Vaccine Plan India, Fund For New Vaccine Plan, Corona Vaccine India, Finance Ministry Sources
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com