- केंद्र सरकार ने NCPI को संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने TMC छोड़कर NCPI में शामिल 20 सांसदों के पार्टी विलय को आधिकारिक रूप से मंजूरी दी है
- एनसीपीआई लोकसभा में पांचवीं सबसे बड़ी पार्टी बन गई है, जबकि TMC और शिवसेना (UBT) की संख्या में कमी आई है
केंद्र सरकार ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) को सर्वदलीय बैठक के लिए आमंत्रित किया है. सरकार ने संसद के मानसून सत्र से पहले रविवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें बाकी दलों के साथ ही एनसीपीआई नेता सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष को इसमें शामिल होने के लिए बुलावा भेजा है. सुदीप बंदोपाध्याय लोकसभा में एनसीपीआई के नेता होंगे. वहीं काकोली घोष को एनसीपीआई का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है.
लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई का दामन थामने वाले इन 20 सांसदों के NCPI में और शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के शिवसेना में विलय को मंज़ूरी दे दी है. सुदीप बंद्योपाध्याय लोकसभा में NCPI के नेता होंगे. काकोली घोष मुख्य व्हिप, तो वहीं शताब्दी रॉय उप नेता होंगी.

Add image caption here
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के औपचारिक मान्यता देने के बाद ही, नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के दोनों सदनों के नेताओं को इस सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किया गया है.
पश्चिम बंगाल के ये दोनों सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार ने पिछले महीने तृणमूल नेतृत्व के खिलाफ 18 अन्य सांसदों के साथ बगावत की थी और बाद में एनसीपीआई में शामिल होने की घोषणा की थी. सोमवार को वो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले और सदन में एनसीपीआई के 20 सांसदों के बैठने की व्यवस्था पर चर्चा की.

सूत्रों ने बताया कि एनसीपीआई नेताओं ने नये संसद भवन में पार्टी कार्यालय आवंटित किए जाने के मुद्दे पर भी लोकसभा अध्यक्ष के साथ चर्चा की. तृणमूल छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए सांसदों ने बिरला को सूचित किया है कि उन्होंने सुदीप बंद्योपाध्याय को सदन में पार्टी का नेता, शताब्दी रॉय को उपनेता और काकोली घोष दस्तीदार को मुख्य सचेतक नियुक्त किया है.
एनडीए संसदीय दल की बैठक को अब ‘मंगल मिलन' कहा जाएगा
NCPI रविवार को सर्वदलीय बैठक के अलावा मंगलवार को होने वाली NDA सांसदों की बैठक 'मंगल मिलन' में भी शामिल होंगे. बता दें कि केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संसदीय दल की बैठकों को अब ‘मंगल मिलन' के नाम से जाना जाएगा, क्योंकि ये बैठकें आमतौर पर मंगलवार को आयोजित की जाती हैं. इन बैठकों में राजग के घटक दलों के सांसद भाग लेते हैं.

‘मंगल मिलन' के तहत पहली बैठक 21 जुलाई को संसद भवन परिसर में होगी. यह संसद के मानसून सत्र की सोमवार को शुरुआत होने के एक दिन बाद आयोजित की जाएगी. एक सूत्र ने कहा, ‘‘राजग संसदीय दल की बैठक को अब 21 जुलाई की बैठक से ‘मंगल मिलन' के नाम से जाना जाएगा.''
सूत्रों के मुताबिक, इस विषय पर हाल ही में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी चर्चा हुई थी, जिसमें मंत्रियों को अनौपचारिक रूप से राजग संसदीय दल की बैठक का नाम बदले जाने की जानकारी दी गई.
इसे भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी बोले-बागी दीदी को जॉइन करें, मैं एक घंटे में रिजाइन कर दूंगा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं