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यूपी, बिहार से बंगाल तक नया एक्सप्रेसवे बनेगा, गंगा एक्सप्रेसवे को देगा टक्कर, तीन राज्यों के ये 12 जिले कनेक्ट होंगे

Gorakhpur Siliguri Expressway Route: उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल को जोड़ने वाले नए एक्सप्रेसवे पर काम तेज हो गया है. यह गंगा एक्सप्रेसवे के बाद एक और बड़ा सड़क प्रोजेक्ट होगा. ये 12 जिलों को जोड़ेगा.

यूपी, बिहार से बंगाल तक नया एक्सप्रेसवे बनेगा, गंगा एक्सप्रेसवे को देगा टक्कर, तीन राज्यों के ये 12 जिले कनेक्ट होंगे
Gorakhpur Siliguri Expressway in UP: गंगा एक्सप्रेसवे के बाद नया हाईवे
नई दिल्ली:

Gorakhpur Siliguri Expressway Route: गंगा एक्सप्रेसवे के बाद यूपी से एक और बड़ा एक्सप्रेसवे निकलने वाला है. ये उत्तर प्रदेश, बिहार से पश्चिम बंगाल तक को जोड़ने वाला गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे होगा.पूर्वांचल से एक्सप्रेसवे बिहार होते हुए बंगाल तक जाएगा. भारतमाला परियोजना के तहत गंगा किनारे के इन राज्यों को जोड़े जाने की तैयारी है. गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 519 किलोमीटर है. यह 6 लेन (8 लेन तक विस्तार संभव) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है.इसकी अनुमानित लागत लगभग 32 हजार करोड़ रुपये है.

गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे रूट मैप

गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे 12 बड़े जिलों से होकर गुजरेगा. उत्तर प्रदेश में इसका लगभग 84 किमी का है. ये गोरखपुर के जगदीशपुर से शुरू होकर देवरिया और कुशीनगर जिलों को कवर करेगा.बिहार में इसकी लंबाई 416 किमी की होगी. इसका सबसे बड़ा हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा. यह पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतापुर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जिलों से गुजरेगा. पश्चिम बंगाल में इसकी लंबाई लगभग 19 किमी और यह एक्सप्रेसवे दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी में जाकर खत्म होगा.

Gorakhpur Siliguri Expressway Route

Gorakhpur Siliguri Expressway Route

गंगा एक्सप्रेसवे के बाद नया एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे की बात छोड़ दें तो अभी गोरखपुर से सिलीगुड़ी जाने में 14-15 घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी महज 6 से 8 घंटे में हो सकेगी. यह पूरी तरह से ग्रीनफील्ड है, जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों को बचाते हुए खेतों और खाली भूमि से होकर गुजरेगा. एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति 100-120 किमी/घंटा रह सकेगी. गोरखपुर-सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे बिहार के पिछड़े तराई क्षेत्रों में औद्योगिक गलियारों के विकास को गति देगा. सिलीगुड़ी को चिकन नेक कॉरिडोर कहा जाता है. ऐसे में ये एक्सप्रेसवे युद्ध या आपातकाल की स्थिति में सेना और रसद को पूर्वोत्तर सीमा तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा.

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गोरखपुर, देवरिया-कुशीनगर को फायदा

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर में भूमि अधिग्रहण का काम पूरा होने वाला है. बिहार के भी अधिकांश जिलों में मुआवजे और अधिग्रहण को लेकर औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने कई पैकेजों के लिए टेंडर मांगे हैं. कुछ हिस्सों पर निर्माण कार्य की तैयारी है.यह गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के जरिये पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. यह सिलीगुड़ी में एशियन हाईवे के साथ कनेक्टिविटी प्रदान करेगा.

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शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे भी बन रहा

हरियाणा-उत्तर प्रदेश-बिहार (HUB) एक्सप्रेसवे के तौर पर शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे बन रहा है.इसकी लंबाई 700 किलोमीटर के करीब है. यह एक्सप्रेसवे शामली से शुरू होकर मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और संत कबीर नगर होते हुए गोरखपुर तक जाएगा. यह शुरुआत में 6 लेन का एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे होगा. यह उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे (594 किमी) से भी काफी बड़ा होगा. यह शामली के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे पंजाब और हरियाणा से पूर्वी उत्तर प्रदेश की दूरी काफी कम हो जाएगी.

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