फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे से जुड़े विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है. पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास के खिलाफ बिधाननगर साउथ थाने में FIR दर्ज की गई है. उन पर कथित तौर पर टिकटों की मांग, धमकी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
यह मामला कोलकाता के प्रतिष्ठित युवा भारती क्रीडांगन में आयोजित मेसी शो के दौरान हुए विवाद और अव्यवस्था से जुड़ा है. कार्यक्रम के आयोजक शतद्रु दत्ता ने पहले ही पूर्व मंत्री समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.
किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
पुलिस ने अरोप विश्वास के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की पांच धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इनमें साझा आपराधिक उद्देश्य, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं शामिल हैं.
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क्या हैं आरोप?
शिकायत के मुताबिक, 13 दिसंबर को मेसी कार्यक्रम से पहले अरोप विश्वास ने आयोजकों से बड़ी संख्या में टिकटों की मांग की थी. आरोप है कि उन्होंने अपने समर्थकों और परिचितों में वितरण के लिए टिकट मांगे और मांग पूरी न होने पर कार्यक्रम रद्द कराने तक की धमकी दी.
आयोजक शतद्रु दत्ता का दावा है कि पूर्व मंत्री ने करीब 22 हजार कॉम्प्लिमेंट्री टिकट हासिल किए थे. आरोप यह भी है कि इनमें से बड़ी संख्या में टिकट बाद में कथित तौर पर ब्लैक मार्केट में बेचे गए.
मेसी के कार्यक्रम में मचा था हंगामा
आपको बताते चलें कि मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान स्टेडियम में भारी भीड़ और अव्यवस्था देखने को मिली थी. आरोप है कि खिलाड़ियों और मेहमानों के आसपास आयोजकों, फोटोग्राफरों, नेताओं, मंत्रियों और उनके करीबी लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिससे कार्यक्रम की व्यवस्था प्रभावित हुई.
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शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि कई राजनीतिक हस्तियां और वीआईपी मेसी के बेहद करीब पहुंच गए थे, जिससे सुरक्षा और प्रबंधन दोनों पर सवाल खड़े हुए.
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
पूर्व खेल मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है. विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार और सत्तारूढ़ दल पर निशाना साध रहा है, जबकि मामले की जांच अब पुलिस के हाथ में है.
फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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