- मेस्सी को 10 साल की उम्र में ग्रोथ हार्मोन की कमी नामक गंभीर बीमारी का पता चला, जिससे शारीरिक विकास बाधित हुआ.
- मेस्सी के परिवार को बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.
- बार्सिलोना फुटबॉल क्लब ने मेस्सी की प्रतिभा पहचानी और उनके इलाज में मदद करते हुए उन्हें स्पेन बुलाया था.
Lionel Messi Success Story: FIFA World Cup 2026 खत्म हो चुका है. इस बार स्पेन की टीम ने अर्जेंटीना रोमांचक मुकाबले में 1-0 से शिकस्त दे दी. मैच के बाद अर्जेंटीना के समर्थक भावूक हो गए. सिर्फ समर्थक नहीं 'फुटबॉल किंग' कहे जाने वाले लियोनेल मेस्सी भी कुछ पल के लिए भावूक दिखे. लेकिन क्या आपको पता है जितनी भावूक ये हार रही, उससे कई ज्यादा भा्वूक मेस्सी का जीवन रहा है.
मेस्सी का जीवन प्रेरणा और दृढ़ संकल्प की एक ऐसी मिसाल है जो हमें सिखाती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी हौसला नहीं हारना चाहिए. बचपन में एक गंभीर बीमारी से जूझना, जिसके इलाज के लिए परिवार के पास पैसे नहीं थे. यह सब मेस्सी के रास्ते की बड़ी रुकावटें थीं. लेकिन, अपने अटूट जुनून के दम पर छोटे कद के लड़के ने न केवल उस बीमारी को हराया, बल्कि आज दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ी बन चुके हैं.
10 साल की उम्र में लाइलाज बीमारी
24 जून 1987 को अर्जेंटीना के रोसारियो में जन्मे लियोनेल मेस्सी का बचपन चुनौतियों से भरा रहा. जब वह 10 साल के थे, तब उन्हें एक ऐसी बीमारी का पता चला जिसे ग्रोथ हार्मोन की कमी (Growth Hormone Deficiency - GHD) कहते हैं. इस बीमारी के कारण उनका शारीरिक विकास बाधित हो रहा था.
इसका इलाज बहुत महंगा था और उनके मेहनती परिवार के लिए अकेले इसका खर्च उठाना लगभग असंभव था. यह दौर मेस्सी के जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जिसने उन्हें कम उम्र में ही कठिनाइयों से परिचित कराया. संभावित झटके के बावजूद, उनके परिवार ने कभी भी उनका साथ नहीं छोड़ा और उन्हें दृढ़ता और संकल्प का महत्व सिखाया.

FC बार्सिलोना से जुड़ाव और इलाज
जब मेस्सी 13 साल के थे, तो उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया. वह और उनका परिवार स्पेन के बार्सिलोना शहर चले गए. यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब FC बार्सिलोना ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उनके ग्रोथ हार्मोन की कमी के इलाज में उनकी मदद करने का प्रस्ताव दिया. यह मेस्सी के करियर की सबसे निर्णायक घटना साबित हुई.
एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी का उदय
बार्सिलोना आने के बाद मेस्सी ने FC बार्सिलोना की U14 टीम के लिए खेलना शुरू किया. अर्जेंटीना के इस युवा खिलाड़ी ने तेज़ी से अपनी जगह बनाई. अपने शानदार स्किल्स और अद्वितीय प्रतिभा से उन्होंने जल्द ही सभी को प्रभावित कर दिया. महज 17 साल की उम्र में उन्होंने क्लब के लिए अपना पहला सीनियर मैच खेला और देखते ही देखते वह 'ब्लाउग्रानास' (बार्सिलोना टीम का उपनाम) के लिए एक अहम खिलाड़ी बन गए.
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17 की उम्र में जीते कई खिताब
रोसारियो के इस लड़के का बार्सिलोना के साथ रिश्ता असाधारण रूप से सफल रहा. टीम के साथ अपने 17 साल के करियर में मेस्सी ने उन्हें अनगिनत टाइटल जीतने में मदद की, जिनमें 10 ला लीगा टाइटल, चार चैंपियंस लीग क्राउन और सात कोपा डेल रे ट्रॉफी शामिल हैं. वह ला लीगा में अब तक के सबसे ज्यादा 474 गोल करने वाले खिलाड़ी भी हैं.
अपनी उपलब्धियों के लिए उन्होंने रिकॉर्ड आठ बैलन डी'ओर अवॉर्ड भी जीते हैं. 2021 में उन्होंने स्पेनिश क्लब छोड़कर फ्रेंच पावरहाउस पेरिस सेंट जर्मेन (PSG) जॉइन किया, जहां उन्होंने दो साल खेलने के बाद अब MLS में इंटर मियामी जॉइन किया.

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाया जौहर
इंटरनेशनल लेवल पर भी मेस्सी अपने देश अर्जेंटीना के लिए एक शानदार खिलाड़ी रहे हैं. उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि तब आई जब उन्होंने कतर में FIFA वर्ल्ड कप 2022 जीतने में अपनी टीम की मदद की. इस टूर्नामेंट में उन्हें गोल्डन बॉल भी मिला, जो कॉम्पिटिशन के बेस्ट खिलाड़ी को दिया जाता है. इसके अलावा, वह अर्जेंटीना की अंडर-23 टीम का भी हिस्सा थे जिसने बीजिंग 2008 गेम्स में ओलंपिक गोल्ड जीता था.
हम मेस्सी से क्या सीख सकते हैं?
लियोनेल मेस्सी का जीवन और करियर हमें कई महत्वपूर्ण सबक सिखाता है...
- अपने जुनून को अपनाएं: मेस्सी को बचपन से ही पता था कि फुटबॉल उनका जुनून है. उन्होंने अपना पूरा जीवन इस खेल को समर्पित कर दिया, हमेशा अपने कौशल को निखारने और बेहतर बनाने का प्रयास करते रहे.
- विपरीत परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करें: ग्रोथ हार्मोन की कमी का पता चलना उनके लिए एक बड़ी बाधा थी, लेकिन उन्होंने इसे अपने रास्ते में रुकावट नहीं बनने दिया. इसके बजाय, उन्होंने दृढ़ता और संकल्प के साथ इसका डटकर सामना किया.
- एक मजबूत नेटवर्क बनाएं: मेस्सी के सफर में उनके परिवार ने अहम भूमिका निभाई, उन्होंने अटूट समर्थन दिया और उनके सपनों को साकार करने के लिए त्याग किया. एफसी बार्सिलोना से मिला शुरुआती समर्थन भी उनके विकास में महत्वपूर्ण रहा.
- विनम्र और आभारी बने रहें: अपार सफलता के बावजूद, मेस्सी हमेशा विनम्र और सरल स्वभाव के रहे हैं. वे अपनी उपलब्धियों में अपने साथियों, कोचों और परिवार के योगदान को स्वीकार करते हैं.
- लगातार मेहनत का फल जरूर मिलता है: मेस्सी का करियर निरंतर मेहनत के महत्व का जीता-जागता उदाहरण है. उनका प्रशिक्षण कार्यक्रम, अनुशासन और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता रही है.
- प्रेरणा दें और समाज को कुछ वापस दें: मेस्सी का प्रभाव मैदान पर उनकी उपलब्धियों से कहीं अधिक है. उन्होंने अपने मंच का उपयोग समाज को प्रेरित करने और योगदान देने के लिए किया है. अपने फाउंडेशन के माध्यम से, वह स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास पर केंद्रित विभिन्न धर्मार्थ कार्यों का समर्थन करते हैं.
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