- बंगाल के फाल्टा विधानसभा सीट पर सभी 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश चुनाव आयोग ने दिया है.
- फाल्टा विधानसभा में कुल मतदाता दो लाख छत्तीस हजार चार सौ चौवन हैं, जिसमें महिला और पुरुष वोटर शामिल हैं.
- इस सीट पर टीएमसी ने मौजूदा विधायक की जगह जहांगीर खान को उम्मीदवार बनाया है, जो अभिषेक बनर्जी के करीबी हैं.
Falta Assembly Seat: पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा सीट का चुनावी मुकाबला इस बार खासा दिलचस्प हो गया है. चुनाव आयोग ने यहां के सभी 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान (री-पोलिंग) कराने का आदेश दिया है. इसके चलते 4 मई को आने वाले राज्य के नतीजों से फाल्टा सीट को अलग रखा जाएगा. यहां 21 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी, जबकि मतगणना 24 मई को की जाएगी. इस सीट पर फिर से पोलिंग की मांग बीजेपी ने चुनाव आयोग से की थी.
सीपीएम का गढ़ रही फाल्टा अब टीएमसी का किला
कभी सीपीएम का गढ़ रही फाल्टा अब टीएमसी का किला है. इस बार यहां से टीएमसी ने सीटिंग विधायक का टिकट काटकर जहांगीर खान को टिकट दिया है. जहांगीर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के करीबी हैं, ऐसे में फाल्टा के नतीजे जहांगीर के साथ-साथ अभिषेक की प्रतिष्ठा के लिए भी खास है.
फाल्टा में करीब 25 से 30 फीसदी मुस्लिम और SC वोटर
फाल्टा सीट के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2026 में यहां कुल 2,36,444 मतदाता हैं, जिनमें 1,15,135 महिला और 1,21,300 पुरुष वोटर शामिल हैं. यह एक ग्रामीण क्षेत्र है, जहां लगभग 90-95 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है. सामाजिक समीकरणों की बात करें तो मुस्लिम और अनुसूचित जाति (SC) समुदाय की हिस्सेदारी लगभग बराबर मानी जाती है. दोनों की आबादी करीब 25-30 प्रतिशत के आसपास है.

फाल्टा में सबसे ज्यादा 8 बार CPM ने हासिल की जीत
राजनीतिक इतिहास देखें तो 1952 से 2021 तक हुए 17 विधानसभा चुनावों में फाल्टा में लंबे समय तक लेफ्ट का दबदबा रहा है. इस सीट पर CPM ने सबसे ज्यादा 8 बार जीत दर्ज की है, जबकि TMC और कांग्रेस ने 4-4 बार और सीपीआई ने 1 बार जीत हासिल की है. बीजेपी कभी भी इस सीट पर जीत हासिल नहीं कर सकी है. सिर्फ 2021 में पार्टी दूसरे स्थान पर रही, जबकि उससे पहले वह कभी दूसरे नंबर पर भी नहीं पहुंच पाई थी.
पिछले चुनाव में 40 हजार वोटों से जीती थी टीएमसी
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने यह सीट करीब 40 हजार वोटों के अंतर से जीती थी. वहीं, हाल के वर्षों में किसी भी राज्य के विधानसभा या लोकसभा चुनाव में पूरे विधानसभा क्षेत्र में इस तरह व्यापक स्तर पर दोबारा मतदान नहीं हुआ है ऐसे में आयोग का यह फैसला रेयर माना जा रहा है.

10 साल बाद बंगाल में हो रही दोबारा वोटिंग
2016 और 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भी किसी एक पूरी विधानसभा सीट पर इस तरह से रिपोलिंग नहीं कराई गई थी, जबकि आंकड़े बताते हैं कि उन चुनावों में 2026 के मुकाबले अधिक हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं. यहाँ तक की ख़ुद बीजेपी भी यह कहती रही है और आंकड़े भी.
यह भी पढ़ें - अजय पाल शर्मा पर टीएमसी नेता जहांगीर-वो सिंघम है तो मैं भी पुष्पा
टीएमसी से अभिषेक बनर्जी के करीबी जहांगीर प्रत्याशी
इस बार टीएमसी ने अपने मौजूदा विधायक शंकर कुमार नस्कर की जगह जहांगीर खान को उम्मीदवार बनाया है. माना जाता है कि जहांगीर खान, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में अभिषेक बनर्जी को इस क्षेत्र से करीब 1.68 लाख वोटों की बढ़त मिली थी, जबकि बीजेपी उम्मीदवार को महज 15 हजार वोट मिले थे.
अभिषेक बनर्जी बोले- डायमंड हार्बर मॉडल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता
री-पोलिंग के फैसले के बाद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उनके “डायमंड हार्बर मॉडल” को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता, खासकर “बांग्ला विरोधी गुजराती गिरोह”. साथ ही उन्होंने बीजेपी नेताओं को फाल्टा से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वे अपना सबसे मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतारकर देख लें. अब सबकी नजरें 21 मई को होने वाली रिपोलिंग पर टिकी हैं, जो इस सीट के अंतिम नतीजे तय करेगी. फाल्टा में दोबारा हुई वोटिंग के नतीजे 24 मई को जारी होंगे.
यह भी पढे़ं - 'वोटिंग से रोका', UP के 'सिंघम' की धमकी, जहांगीर का 'पुष्पा' वाला जवाब, पूरी फाल्टा विधानसभा में फिर वोट क्यों?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं