पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुई रीवोटिंग के बाद काउटिंग शुरू हो गई है. यहां गुरुवार को शांतिपूर्ण ढंग से पुनर्मतदान संपन्न हो गया था. 285 मतदान केंद्रों में से किसी से भी हिंसा, तनाव या चुनावी धांधली की कोई रिपोर्ट नहीं मिली. रीवोटिंग से दो दिन पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान चुनावी दौड़ से बाहर हो गए थे. इसके बाद सत्तारूढ़ बीजेपी की जीत की उम्मीद बढ़ गई. फाल्टा विधानसभा सीट के नतीजों से जुड़े सभी अपडेट यहां पढ़िए.
क्यों हुई फाल्टा सीट पर रीवोटिंग?
इस सीट पर रीकाउंटिंग 29 अप्रैल के चुनाव से जुड़े विवाद के कारण हुई, जब कई मतदान केंद्रों से शिकायतें सामने आईं कि ईवीएम पर इत्र जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप लगाई गई थीं. चुनाव आयोग ने फाल्टा में पुनर्मतदान का आदेश दिया, जबकि बाकी 293 विधानसभा चुनाव के नतीजे चार मई को पहले ही घोषित किए जा चुके हैं, जिसमें भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल की है.
86 फीसदी से ज्यादा हुई वोटिंग?
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि शाम पांच बजे तक 2.36 लाख मतदाताओं में से 86.11 प्रतिशत ने मतदान किया. इससे पहले 29 अप्रैल को हुए मतदान में इसी समय तक 86.71 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.
जहांगीर खान के हटने से बदल गए राजनीतिक समीकरण
जहांगीर खान के चुनाव से हटने से फाल्टा के राजनीतिक समीकरण में काफी बदलाव आ गया है. भाजपा, जो पहले से ही एकतरफा जीत का भरोसा जता रही है, टीएमसी उम्मीदवार के पुनर्मतदान से पहले ही चुनाव मैदान से हटने के बाद इस सीट पर अपनी जीत पक्की मान रही है. अगर भाजपा फाल्टा सीट जीतती है, तो 2026 के विधानसभा चुनावों में उसकी सीटों की संख्या बढ़कर 208 हो जाएगी, हालांकि अधिकारी द्वारा भवानीपुर सीट बरकरार रखते हुए नंदीग्राम सीट खाली करने के फैसले के बाद विधानसभा की कुल संख्या 207 ही रहेगी.
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