- नगर निकाय चुनाव में शिवसेना के प्रदर्शन से शिंदे बेहद नाराज हैं और उन्होंने मंत्री स्तर पर जवाबदेही तय की है
- शिंदे ने चुनाव से पहले मंत्रियों और विधायकों को विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी दी थी
- ठाणे, कल्याण‑डोंबिवली और उल्हासनगर को छोड़कर बाकी 29 जिलों में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद से कमतर रहा है
महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं. अब सभी दलों की तरफ से परिणाम को लेकर मंथन किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अब पूरी तरह एक्शन मोड में हैं और अपने मंत्रियों के खराब ग्राउंड परफॉर्मेंस से बेहद नाराज बताए जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार, शिंदे ने चुनाव से पहले अपने मंत्रियों और विधायकों को अलग‑अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आए.
ठाणे, कल्याण‑डोंबिवली और उल्हासनगर जैसे कुछ गढ़ों को छोड़ दें, तो बाकी 29 जिलों में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा है. यही वजह है कि अब शिंदे ‘मिशन क्लीन‑अप' पर उतर चुके हैं. सूत्र कहते हैं कि शिंदे ने पहले ही अपने मंत्रियों को चेतावनी दे दी थी कि चुनावी जिम्मेदारियों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अब चर्चा है कि कैबिनेट में बड़े बदलाव हो सकते हैं. और जो मंत्री जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे हैं, उनकी कुर्सी कभी भी जा सकती है.
नगर परिषद और नगर पालिका चुनावों में पार्टी दूसरे नंबर पर रही, लेकिन कई जिलों में संगठन और नेताओं की सुस्त कार्यशैली ने शिंदे की नाराजगी बढ़ा दी है. पार्टी के भीतर भी यह सवाल उठने लगा है कि इतनी बड़ी मशीनरी के बावजूद सकारात्मक परिणाम क्यों नहीं मिले?
अब सभी की निगाहें शिंदे के अगले कदम पर टिकी हैं. क्या वह मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करेंगे? किन चेहरों की छुट्टी होगी? फिलहाल यह तय है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा राजनीतिक भूचाल आ सकता है.
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