विज्ञापन
This Article is From Nov 10, 2021

देवेंद्र फडणवीस ने अंडरवर्ल्ड के लोगों को सरकारी पद देकर उगाही का काम करवाया : नवाब मलिक

नवाब मलिक ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने राजनीति का पूरी तरह से अपराधीकरण कर दिया.

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक.
मुंबई:

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने बुधवार को एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है. नवाब मलिक ने पूछा कि 'देवेंद्र जी आपने मुख्यमंत्री रहते हुए अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों को सरकारी कमिशनों का प्रमुख क्यों बनाया? पहला दागी मुन्ना यादव, जिसे कंस्ट्रक्शन बोर्ड का अध्यक्ष बनाया. हैदर आजम को मौलाना आर्थिक बोर्ड का अध्यक्षता बनाया. क्या वो बांग्लादेशियों को मुम्बई में बसाने का काम नहीं कर रहा था? हैदर आजम की पत्नी पर बांग्लादेशी होने का आरोप है उसकी जांच आपने रुकवाई या नहीं?'

इसके साथ ही नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में जाली नोटों का धंधा देवेंद्र फडणवीश के संरक्षण में चल रहा था. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मलिक ने कहा, 'जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की थी तो उन्होंने कहा था कि इससे काला धन और आतंकवाद रुकने के साथ ही जाली नोटों का धंधा भी खत्म हो जाएगा. इस दौरान सभी राज्यों से जाली नोट बरामद हुए, लेकिन महाराष्ट्र में नहीं.'

'चलने योग्य नहीं है मुकदमा, खारिज कर दिया जाए' : मानहानि केस में बॉम्बे हाईकोर्ट में नवाब मलिक ने दिया जवाब

उन्होंने कहा, 'नोटबंदी के बाद 8 अक्टूबर 2017 तक महाराष्ट्र में एक साल तक जाली नोट का एक भी मामला सामने नहीं आया है. क्योंकि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में जाली नोट का खेल चल रहा था. 8 अक्टूबर 2017 को डायरेक्टर इंटेलिजेंस रेवेन्यू ने एक छापेमारी कर 14 करोड़ 56 लाख रुपए के जाली नोट पकड़े थे, लेकिन उस मामले को रफा दफा करने के लिए फडणवीस ने मदद करने का काम किया. इस मामले में एक मुंबई से, एक पुणे से इमरान आलम शेख और एक नवी मुंबई से गिरफ्तारी हुई, लेकिन 14 करोड़ 56 लाख के जाली नोटों को 8 लाख 80 हजार रुपए बताकर मामला दबा दिया गया.'

साथ ही उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के जाली नोट भारत में चले, मामला दर्ज हो. उसमें कुछ दिनों में जमानत हो जाती है. मामला NIA को नहीं दिया जाता है. मामले की अंतिम जांच नहीं बढ़ती है. क्योंकि ये जो जाली नोटों का रैकेट चला रहे थे, उन्हें तत्कालीन सरकार का संरक्षण था. फिर कहानी बनाई गई कि वो कांग्रेस का नेता है. लेकिन वो कभी कांग्रेस का नेता रहा ही नहीं. खेल था कि पकड़ा जाए तो कांग्रेस पर बिल फाड़ दो.'

'बचाना है इन्हें अपना जमाई और काली कमाई...' : नवाब मलिक की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अमृता फडणवीस

मंत्री मलिक ने साथ ही कहा, 'जिस इमरान आलम शेख को पुणे से गिरफ्तार किया गया था. उसके भाई हाजी अराफात शेख को महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बनाया गया था.' साथ ही उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने राजनीति का पूरी तरह से अपराधीकरण कर दिया. 

साथ ही उन्होंने कहा, 'हम आपसे पूछना चाहते हैं ये रियाज भाटी कौन है? पूरा शहर जनता है कि रियाज भाटी कौन है? दो पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया, जिसे बाद में छोड़ दिया गया. वो आपकी डिनर टेबल पर कैसे दिखता है? प्रधानमंत्री पर हम आरोप नहीं लगा रहे हैं लेकिन बिना स्क्रूटनी के रियाज भाटी उन तक कैसे पहुंच गया? रियाज भाटी दाऊद का आदमी है. उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं. आपने रियाज भाटी के जरिये उगाही का काम किया.'

नवाब मलिक के कनेक्शन अंडरवर्ल्ड से, '93 मुंबई ब्लास्ट के दोषियों से खरीदी ज़मीन : देवेंद्र फडणवीस

मंत्री मलिक ने कहा, 'मुन्ना यादव पर जाली नोट का मामला दर्ज है. 14 करोड़ 56 लाख के जाली नोट पकड़े गए. फिर उसकी जमानत इतनी जल्दी कैसे हो गई? ये संयोग है उस मामले का इंचार्ज भी समीर वनाखेड़े ही था. तब वो समीर वानखेड़े डीआरआई में ज्वाइंट कमिश्नर थे, वो सब कार्रवाई DRI ने की थी.'

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Devendra Fadnavis, Nawab Malik
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com