- अमेरिकी सेना ने लगातार दसवीं रात ईरान पर हमला बोला, चाबहार से लेकर बंदर अब्बास और केशम द्वीप में भी धमाके
- ओमान के तट पर एक टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या ड्रोन) पर हमला हुआ है
- पेंटागन ने माना है कि 3 सैनिकों की मौत के अलावा दो हफ्तों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए
अमेरिकी सेना ने लगातार दसवीं रात ईरान पर हमला बोला है. अमेरिका के हमले के बाद ईरान के होरमुजगान प्रांत के बेमानी इलाके में धमाके की आवाज सुनी गई. चाबहार से लेकर बंदर अब्बास और केशम द्वीप में भी कई धमाके हुए हैं. होर्मुज का पानी भी खौल रहा है. मंगलवार, 21 जुलाई को एक ब्रिटिश समुद्री एजेंसी ने बताया कि ओमान के तट पर एक टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या ड्रोन) पर हमला हुआ. ईरान ने कुवैत में अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमला करने का भी दावा किया है. ईरानी हमलों का दर्द अमेरिकी सेना झेल रही है. खुद पेंटागन ने माना है कि 3 सैनिकों की मौत के अलावा दो हफ्तों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं.
एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को चेतावनी दी कि मारे गए हर अमेरिकी सैनिक के लिए उसे "कई गुना ज्यादा" कीमत चुकानी पड़ेगी, जबकि ईरान के यमनी सहयोगी, हूती विद्रोहियों ने सऊदी बंदरगाहों की घेराबंदी करके युद्ध का दायरा बढ़ाने की धमकी दी.
ईरान पर अमेरिका का नया हमला
अमेरिका ने सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात ईरान पर फिर से नए हमले किए. इसकी जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया पर दी. वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि देश के दक्षिणी हिस्से में कई धमाकों की आवाज सुनी गई. सेंटकॉम ने एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले शुरू किए. अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की उन सैन्य ताकतों को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए किया जाता है. अमेरिकी हमलों का यह दौर पूरा हो चुका है.
CNN की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के सरकारी टीवी आईआरआईबी ने बताया कि होरमुजगान प्रांत के बेमानी इलाके में धमाके की आवाज सुनी गई. यह इलाका ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास है. आईआरआईबी ने कुछ गैर-सरकारी सूत्रों के हवाले से यह भी बताया कि बंदर अब्बास और केशम द्वीप में भी कई धमाके सुनाई दिए. हालांकि, सरकारी टीवी ने यह नहीं बताया कि धमाके किस वजह से हुए और न ही किसी नुकसान या मौत की जानकारी दी. दूसरी ओर, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी बंदरगाह शहर बुशेहर में दुश्मन के विमानों का मुकाबला करने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम चालू किए गए. बुशेहर के गवर्नर मोहम्मद मोजफ्फरी ने कहा कि किसी तरह के हमले की पुष्टि नहीं हुई है.
ईरान का दावा- कुवैत में अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमला
ईरान की सेना ने मंगलवार सुबह दावा किया कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिका के अरिफजान सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया है. इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि यह टकराव अब पूरी तरह युद्ध में बदल चुका है. ईरानी सेना ने कहा कि उसकी जमीनी सेना ने कुवैत के अरिफजान बेस पर तैनात अमेरिकी सेना के हिमार्स मिसाइल सिस्टम को जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों से निशाना बनाया.
सेना के मुताबिक, हिमार्स ऐसा मोबाइल मिसाइल सिस्टम है जो बहुत तेजी से अपनी जगह बदल सकता है. इसे निशाना बनाने से दुश्मन की हमला करने और बचाव करने की क्षमता कमजोर होती है और उसकी मिसाइल ताकत घटती है. अरिफजान सैन्य अड्डा कुवैत सिटी के दक्षिण में है. यहां अमेरिकी वायु सेना, नौसेना, मरीन कॉर्प्स और कोस्ट गार्ड के जवान तैनात रहते हैं.
दो हफ्तों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल
CNN की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बताया कि 7 जुलाई से अब तक करीब 100 अमेरिकी सैनिक किसी न किसी स्तर पर घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि इनमें से 96% सैनिक दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं. ज्यादातर सैनिकों को हल्की चोटें या हल्का सिर में झटका (कन्कशन) लगा था. सीन पार्नेल ने यह बयान न्यूयॉर्क टाइम्स की उस खबर के जवाब में दिया, जिसमें दावा किया गया था कि पेंटागन ने ईरान के साथ युद्ध के दौरान घायल हुए दर्जनों अमेरिकी सैनिकों की जानकारी छिपाई थी.
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