- CJP आर छात्रों के प्रदर्शन को विपक्ष का साथ
- पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस नेता
- पैदल मार्च के बहाने हाई सिक्योरिटी एरिया में शुरू किया धरना
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों के प्रदर्शन को अब विपक्षी दलों का साथ मिल गया है. सोमवार को जंतर मंतर पर हुए लाठीचार्ज के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा और अन्य कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. यह एक हाई सिक्योरिटी सेंसेटिव क्षेत्र, जहां कोई सामान्य व्यक्ति नहीं रुक सकता है. माना जा रहा है कि कांग्रेस ने काफी गुप्त तरीके से इस धरने की प्लानिंग बनाई और पैदल मार्च के बहाने तमाम नेताओं के साथ पीएम आवास के बाहर जाकर धरने पर बैठ गए.
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठने की प्लानिंग पहले से ही कर ली थी. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर पार्टी के शीर्ष नेताओं का जमावड़ा हुआ. यहां से सभी पैदल मार्च के बहाने निकले और पीएम आवास के बाहर जाकर धरने पर बैठ गए. मीडिया को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई थी. धरने पर बैठने के बाद बाद ही मीडिया को सूचना दी गई. कांग्रेस नेताओं के धरने पर बैठने की जानकारी मिलते ही केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोक कल्याण मार्ग पहुंचे और राहुल गांधी से बात की. हालांकि, इस बातचीत का कोई निष्कर्ष नहीं निकला और जितेंद्र सिंह को बैरंग लौटना पड़ा.
रात सड़क पर ही बिताएंगे राहुल गांधी
कांग्रेस नेता पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस का धरना जारी रहेगा और राहुल गांधी रात सड़क पर ही बिताएंगे. कांग्रेस के उच्च सूत्र ने NDTV को जानकारी दी कि राहुल गांधी से बातचीत में जितेंद्र सिंह ने चर्चा करवाने की मांग को राहुल गांधी के आगे रखा था, लेकिन राहुल गांधी ने मना कर दिया. राहुल गांधी ने कहा की हम इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जब तक इस्तीफा नहीं होगा प्रदर्शन जारी रहेगा.

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, "हमारी एक सीधी-सी मांग है. हमारे विपक्ष के नेताओं ने लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में यह मांग उठाई है. मांग यह है कि गृह मंत्री संसद में इस पर स्पष्टीकरण दें और सदन में इस मुद्दे पर चर्चा हो. हम चाहते हैं कि वे इस बात पर बयान दें कि किस तरह लोकतंत्र और हमारे संविधान की हत्या की जा रही है और छात्रों पर अत्याचार हो रहे हैं। हम 45 दिनों से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं."
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